शिमला: राम मंदिर हॉल में निकाह विवाद-भाजपा नेता ने मुस्लिम परिवार से मिलकर की सौहार्द की अपील
शिमला, 10 अप्रैल। राजधानी शिमला के राम मंदिर हॉल में कल 11 अप्रैल को प्रस्तावित एक शादी के रिसेप्शन को लेकर उठे विवाद के बीच अब स्थानीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह और स्थानीय रुलदुभट्टा वार्ड की भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने शुक्रवार को मुस्लिम परिवार के घर और ईदगाह पहुंचकर उनसे मुलाकात की और कहा कि इस मामले को लेकर फैल रही गलतफहमियों को दूर करने की जरूरत है। दोनों नेताओं ने साफ किया कि निकाह मंदिर में नहीं होगा, मस्जिद में ही संपन्न होगा, जबकि राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।
गुरमीत सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि कुछ लोग इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह विषय प्रशासन और पुलिस से जुड़ा है कि किस प्रकार की अनुमति दी गई है और क्या उचित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सभी समुदाय लंबे समय से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं और किसी भी तरह की गलतफहमी से इस माहौल को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर परिसर और उससे जुड़े कम्युनिटी हॉल दो अलग-अलग स्थान हैं। उनके अनुसार कम्युनिटी हॉल में किसी भी समुदाय द्वारा कार्यक्रम या रिसेप्शन आयोजित करना पहले भी होता रहा है और इसे विवाद का कारण नहीं बनाया जाना चाहिए। भाजपा का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को विवाद का रूप नहीं देना चाहती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह सभी 140 करोड़ देशवासियों को समान मानती है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम का व्यक्तिगत निमंत्रण भी मिला है और परिवार से उनके पुराने संबंध हैं, इसलिए वह इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
वहीं भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले में लोगों के बीच केवल निकाह को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में विवाह मंदिर में होता है, जबकि मुस्लिम समुदाय में निकाह मस्जिद में ही पढ़ा जाता है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन रखा गया है और पहले भी इस हॉल में अलग-अलग समुदायों के कई कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। सरोज ठाकुर ने कहा कि वह स्वयं भी पहले यहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं और इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वह संबंधित परिवार की पड़ोसी हैं और ऐसे समय में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है।
उधर, लड़की के पिता मोहम्मद नासिर ने कहा कि इस विवाद से उनकी भावनाएं जरूर आहत हुई हैं, लेकिन उन्हें समाज के कई लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। उन्होंने हिंदू संगठनों से अपील की कि उनकी बेटी की शादी शांतिपूर्ण तरीके से होने दी जाए। नासिर ने स्पष्ट किया कि निकाह पहले की तरह मस्जिद में ही होगा और राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई शादियां सामान्य तरीके से होती रही हैं और यह पहली बार है जब इस तरह का विवाद सामने आया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।












