शिमला में गोल्ड लोन घोटाला: नकली सोना गिरवी रखकर लाखों की ठगी, 7 पर मामला दर्ज
शिमला। राजधानी शिमला के माल रोड स्थित Bank of India की शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का ऋण लेने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक अंकुश रांगटा की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक की आंतरिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपितों द्वारा गिरवी रखा गया अधिकांश सोना नकली था, जबकि शुरुआती जांच में इसे असली मान लिया गया था।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जानकारी के अनुसार, आरोपितों ने अलग-अलग समय पर बैंक में गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया और आभूषण गिरवी रख दिए। बैंक की प्रारंभिक जांच में सोने को सही मानते हुए लाखों रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। बाद में जब गहराई से जांच की गई, तो सोना नकली निकला।
नोटिस के बाद भी नहीं लौटाया पैसा
मामला सामने आने के बाद बैंक ने सभी आरोपितों को नोटिस जारी किए, लेकिन अधिकांश ने न तो कोई जवाब दिया और न ही ऋण की राशि वापस की। केवल एक व्यक्ति ने बाद में बकाया राशि जमा करवाई है।
जांच के घेरे में वैल्युएशन सिस्टम
इस पूरे प्रकरण ने बैंक के गोल्ड वैल्युएशन सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि शुरुआती जांच में नकली सोना असली कैसे मान लिया गया।
बताया जा रहा है कि बैंक की ओर से सोने की जांच के लिए एमपैनल्ड ज्वेलर नियुक्त किया जाता है और उसकी मंजूरी के बाद ही ऋण दिया जाता है। ऐसे में इस मामले में ज्वेलर की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
गौरव सिंह, एसपी शिमला ने बताया कि मामला धोखाधड़ी का है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। इसमें बैंक स्टाफ और ज्वेलर की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।
शिमला का यह मामला न सिर्फ बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे संगठित तरीके से वित्तीय संस्थानों को चूना लगाया जा सकता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।












