अगस्त तक पूरा होगा रेलवे चक्की पुल : 560 मीटर लंबे पुल में हैं 7 स्पैन, जल्द पठानकोट से जोगिंद्रनगर के लिए दौड़ेगी ट्रेन
लंबे समय से ट्रेन चलने की आस में बैठे लोगों का इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा। कांगड़ा घाटी रेल फिर से पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक दौड़ेगी। अगस्त माह तक चक्की पुल बनकर तैयार हो जाएगा। पुल का कार्य अंतिम चरण में है। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल मार्ग पर चक्की खड्ड पर ब्रिज का निर्माण रात-दिन किया जा रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाला यह रेलवे ब्रिज कुछ दिनों में जनता को समर्पित हो जाएगा। इसमें 7 स्पैन हैं। नैरोगेज रेलवे लाइन का चक्की ब्रिज 2022 अगस्त को चक्की दरिया में आए पानी के तेज बहाव में बह गया था। इसके बाद पठानकोट से जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलमार्ग ठप है। तब से कांगड़ा घाटी की ओर ट्रेनों का संचालन बंद था, बीते चार माह पूर्व जसूर (नूरपुर) से जोगिंद्रनगर तक कुछ ट्रेनों को रेलवे ने चलाना शुरू कर दिया है।
जसूर से जोगिंद्रनगर तक शुरू की है रेल सेवा
कांगडा-चंबा के सांसद राजीव भारद्वाज ने बताया कि पठानकोट से जोगिंद्रनगर- कांगड़ा घाटी नैरोगेज की ट्रेनें पुल बह जाने के कारण बंद हैं। इससे कांगड़ा, चामुंडा, ज्वालामुखी, बैजनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का भी रेल संपर्क बंद पड़ा है। इस रेललाइन को पठानकोट-कांगड़ा की लाइफ लाइन माना जाता है। इस नैरोगेज रेललाइन को वल्र्ड हैरिटेज में भी शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे जल्द पुल तैयार करवाकर बंद पड़ी ट्रेनों का संचालन शुरू करेगा। फिलहाल कुछ माह से जसूर से जोगिंद्रनगर तक रेल सेवाएं शुरू हो गई हैं। अगले दो माह में पुल बनते ही पहले की तरह ही ट्रेनों का संचालन पठानकोट से शुरू हो जाएगा।
पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में: राजीव भारद्वाज
कांगड़ा-चंबा के सांसद राजीव भारद्वाज ने बताया कि रेलवे पुल का काम तेजी से करवाया जा रहा है। जल्द पठानकोट से ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा। 7 स्पैन वाले ब्रिज के 8 पिलरों का निर्माण हो चुका है। 560 मीटर लंबे पुल में स्पैन की लंबाई 80 मीटर है। अब पिलरों पर स्पैन-टू-स्पैन रखा जा रहा। 6 स्पैन को पिलरों पर रखकर एक-दूसरे से जोड़ दिया गया है। अब मात्र एक स्पैन रहा है, उसे भी जोड़ा जा रहा है। लगभग इसका कार्य अब अंतिम चरण पर है। एक दो माह में पठानकोट से रेलवे सेवाएं शुरू हो जाएंगी।












