शिमला में चिट्टा तस्करी का बड़ा खुलासा: सरकारी बैंक मैनेजर गिरफ्तार, महिला पैडलर से जुड़ा पूरा नेटवर्क उजागर
शिमला जिले में चिट्टा तस्करी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने एक बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने और अंतरराज्यीय नेटवर्क से संपर्क रखने के आरोप हैं। यह गिरफ्तारी थाना जुब्बल में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान की गई है।
पुलिस जानकारी के मुताबिक 16 अप्रैल को जांच के दौरान बैकवर्ड लिंक स्थापित करते हुए 33 वर्षीय तरुण ठाकुर निवासी राजगढ़, जिला सिरमौर को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्तमान में रोहडू स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी चिट्टा (हेरोइन) की खरीद-फरोख्त में सक्रिय रूप से शामिल था और उसका सीधा संपर्क अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेनदेन होने के प्रमाण भी जांच में सामने आए हैं, जिससे इस अवैध नेटवर्क की पुष्टि हुई है।
पुलिस के अनुसार यह मामला बीते 9 फरवरी को सामने आया था, जब एक स्थानीय महिला को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान 17 मार्च को बैकवर्ड लिंक के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद 6 अप्रैल को फॉरवर्ड लिंक के आधार पर तीन अन्य आरोपियों आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश को भी गिरफ्तार किया गया। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने शुक्रवार को बताया कि इन गिरफ्तारियों से चिट्टा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें अंतरराज्यीय सप्लायर, स्थानीय स्तर पर वितरण तंत्र और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की स्पष्ट कड़ियां सामने आई हैं।
एसएसपी के अनुसार अब तक इस मामले में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से संकेत मिलते हैं कि यह नेटवर्क राज्य से बाहर तक फैला हुआ था। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से चिट्टा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार बैंक अधिकारी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। उनका कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।












