एनएचएआई ने अधूरे शिमला-मटौर फोरलेन पर शुरू कर दी टोल वसूली
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने निर्माणाधीन फोरलेन शिमला-मटौर पर 12 जून से टोल टैक्स लेना शुरू कर दिया है। तकीपुर और रानीताल के बीच घट्टा में टोल प्लाजा बनाया है। टोल शुरू होने के बाद इस फोरलेन पर सफर महंगा हो गया है। इसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ कांगड़ा-धर्मशाला के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले टूरिस्ट पर भी पड़ेगा। हिमाचल से पंजाब के होशियारपुर व जालंधर आने-जाने वाले वाहनों को भी टोल शुल्क भरना होगा। बिना फास्ट-टैग वाले वाहनों को डबल चार्ज देना होगा। बता दें कि अभी इस फोरलेन का 17 किलोमीटर हिस्सा बन रहा है। ऐसे में अधूरे फोरलेन पर टोल वसूलने के एनएचएआई के फैसले पर सवाल उठना भी शुरू हो गए हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी प्रकार के वाहनों के लिए टोल की दरें भी निर्धारित कर दी हैं। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन मालिकों को मासिक 350 रुपए में पास की सुविधा दी जाएगी। सभी वाहनों के लिए फास्ट टैग अनिवार्य है। बिना फास्ट टैग वाले वाहनों से दोगुना शुल्क लिया जाएगा।
लोगों ने टोल प्लाजा का किया था विरोध
बता दें कि यहां पर टोल प्लाजा खोलने का घट्टा गांव के लोगों ने काफी विरोध किया था। लोग एनएच अथॉरिटी व सरकार के खिलाफ मुखर हो गए थे। उस समय कुछ राजनीतिक दलों ने भी सरकार को घेरा था। इस संदर्भ में एनएचएआई के अधिकारी ब्रज कांत से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।












