'झूठी घोषणाओं पर अब कोई भरोसा नहीं, पहले पुराने वादों का हिसाब दे सुक्खू सरकार': जयराम ठाकुर
शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की कार्यशैली और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू की बातों और वादों पर अब जनता का भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है, क्योंकि अब तक की कई बड़ी घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार अब दूर-दराज और कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों को चुन-चुनकर नई घोषणाएं कर रही है, ताकि केवल सुर्खियां बटोरी जा सकें। उन्होंने कहा कि पहले पूरे प्रदेश के लिए “गारंटियां” दी गई थीं, लेकिन अब उन्हीं गारंटियों का दायरा सीमित इलाकों तक सिमटता दिख रहा है। लाहौल, पांगी, डोडरा-क्वार और किन्नौर जैसे क्षेत्रों का नाम लेकर की जा रही घोषणाओं पर उन्होंने सवाल उठाए।
कर्मचारियों से जुड़े फैसलों को लेकर भी जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रथम और द्वितीय श्रेणी कर्मचारियों की वेतन कटौती जैसे निर्णय शुरू से ही गलत और गैर-कानूनी थे। वहीं बागी विधायकों की पेंशन से जुड़े फैसले पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे निर्णयों के कारण सरकार को अदालत से फटकार तक झेलनी पड़ी और अंततः फैसले रद्द हुए।
सरकाघाट में हुई बिटिया की हत्या के मामले को लेकर भी उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार गंभीरता दिखाने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, और सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रह गई है।












