हिमाचल में ट्रांसपोर्ट क्रांति: 1000 डीजल बसें होंगी बाहर, E-बसों से बदलेगा HRTC का पूरा बेड़ा
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। एचआरटीसी के बेड़े में अब बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार ने करीब 1000 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह ई-बसें लाने की योजना बनाई है।
इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में की थी। अब इसे अमलीजामा पहनाने के लिए निगम प्रबंधन ने तैयारी तेज कर दी है।
1500 करोड़ का प्रस्ताव, सरकार देगी गारंटी
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव R D नजीम ने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है। बसों की खरीद के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। यह राशि ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी, जिसमें राज्य सरकार बैंक गारंटी देगी। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
पुरानी और कम माइलेज वाली बसें होंगी बाहर
योजना के तहत 15 साल पुरानी या 9 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी बसों को बेड़े से हटाया जाएगा। इसके अलावा वे बसें भी बाहर होंगी जिनकी माइलेज बेहद कम है, ताकि उनकी जगह नई और दक्ष ई-बसें लाई जा सकें।
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए खास डिजाइन
हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 37 से 42 सीट क्षमता वाली छोटी और सुविधाजनक बसों की खरीद को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पहाड़ी रास्तों पर सफर ज्यादा सुरक्षित और सुगम होगा।
पहले से मौजूद हैं 100 ई-बसें
वर्तमान में एचआरटीसी के पास करीब 3200 बसें हैं, जो 2684 रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। इनमें 100 इलेक्ट्रिक बसें पहले से शामिल हैं। इसके अलावा 297 नई ई-बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनकी डिलीवरी इसी महीने होने की उम्मीद है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
ई-बसों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। राज्यभर के बस अड्डों पर करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की बाधा न आए।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह फैसला न केवल सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में हिमाचल की सड़कों पर डीजल बसों की जगह स्वच्छ और साइलेंट ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी।












