बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का खेल! शिमला में MSME लोन को जानबूझकर बना दिया NPA
शिमला। शिमला में बैंक अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के ऋण घोटाले के आरोप लगे हैं। शिमला के बालूगंज थाना में इस संबंध में केस दर्ज हुआ है। बैंक अधिकारियों पर गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।
पुलिस को दी शिकायत में सुमित सूद ने बताया कि उनके होटल प्रोजेक्ट के लिए लिए ऋण में बैंक अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए कई गड़बड़ियां कीं। यह मामला साल 2015 से 2026 के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें ऋण की राशि, ब्याज दर और शर्तों में बार-बार बदलाव कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
एफआईआर में यह भी कहा है कि बैंक अधिकारियों ने होटल संपत्ति को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि यह कार्रवाई गलत तथ्यों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई। कुछ फर्जी मीटिंग रिकार्ड और रिपोर्ट तैयार करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 338, 336(3), 336(4), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एएसआई जसबीर सिंह को सौंपी है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और बैंक अधिकारियों सहित अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।












