सख्त यातायात कानून बनाने की शांता कुमार ने उठाई मांग
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानून और सजा लागू करने की मांग की है। शांता कुमार ने कहा कि आज के अखबार में एक ही दिन में चार सड़क हादसों में 10 लोगों की मौत की खबर पढ़ी, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के हवाले से कहा कि भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.88 लाख लोग जान गंवाते हैं। शांता कुमार ने कहा कि दुनिया की रिपोर्टों के अनुसार 90 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय गलती के कारण होती हैं जैसे तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कनाडा में उनके दामाद को तेज रफ्तार में पकड़े जाने पर 6 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे सख्त दंड से व्यक्ति जीवनभर नियम नहीं तोड़ता। भारत में सड़क परिवहन को यातायात का मुख्य साधन बताते हुए कहा कि अगर नियम तोडऩे पर कठोर दंड, जैसे 50 हजार का जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान हो, तो दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सड़कों पर आधुनिक निगरानी यंत्र लगाए जाएं और कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए।












