जालग स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने को अनूठी पहल
जयसिंहपुर विधानसभा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जालग के स्टाफ व स्थानीय लोगों ने छात्रों की संख्या को बढ़ाने को लेकर अनूठी पहल की है। दूरदराज से आने वाले छात्रों को बस सुविधा लगाकर हिमाचल के सरकारी स्कूलों को एक प्रेरणा दी है। जालग के स्थानीय लोगों ने जय मां आशापुरी जन कल्याण समिति का गठन कर स्कूल में बच्चों को लाने व छोडऩे के लिए बस के खर्च को वहन करने का जिम्मा उठाया है। समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश धीमान ने बताया कि जालग स्कूल 1916 से चल रहा है। यहां से पढ़ाई कर कई लोग ब्रिगेडियर, कर्नल, डॉक्टर, इंजीनियर जैसे ऊंचे पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। जागीर सिंह रंधावा जैसे इंटरनेशनल लेवल के वॉलीबाल खिलाड़ी भी इसी स्कूल की देन हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में छात्रों की कम होती संख्या चिंता का विषय बन गया था। स्कूल में कुल 65 छात्र ही रह गए थे, जिसमें 13 छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। जालग के लोगों ने एक गैर राजनीतिक समिति का गठन किया व पूरे इलाके में घर-घर जाकर बच्चों के अविभावकों से जालग स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने को कहा। सभी अविभावकों का कहना था कि अगर बस सुविधा हो जाए, तो हम बच्चों को दाखिल करवा सकते हैं। सभी समिति मेंबरों व स्कूल स्टाफ के सहयोग से हमने बस का प्रावधान किया व आशापुरी से चठ, अमोटू, सुभाष नगर, दरमन होते हुए जालग तक छात्रों को बस सुविधा मुहैया करवाई।
बस सुविधा शुरू होते ही 40 बच्चों ने लिया दाखिला
बस सुविधा मिलने पर लगभग 40 विद्यार्थियों ने स्कूल में दाखिला लिया है। ओम प्रकाश धीमान ने बताया कि बस सुविधा मिलने से लगभग 30 किलोमीटर तक के बच्चे स्कूल आ रहे हैं। धीमान ने सभी स्कूल स्टाफ व समिति सदस्यों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया। स्कूल के वायस प्रिंसिपल सुशील कुमार ने कहा कि स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देना भी हमारा लक्ष्य है। इस बार भी हमारे स्कूल का 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। 12वीं के सभी छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। इस मौके पर उपाध्यक्ष रतन चंद, उपाध्यक्ष अशोक पटियाल, सचिव रविंद्र ज्वाल, कोषाध्यक्ष स्वरूप धीमान, कुलदीप पटियाल, जगदीश चंद व बहुत से लोग उपस्थित रहे।












