सेब सीजन के लिए सभी तैयारियों को करें पूरा
- डीसी ने ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने पर दिया जोर
आगामी सेब सीजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को बचत भवन सभागार में डीसी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेब परिवहन, सड़कों की स्थिति, पार्किंग व्यवस्था, मजदूरों की उपलब्धता, पैकिंग सामग्री की आपूर्ति, नियंत्रण कक्षों की स्थापना और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेब सीजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं ताकि बागवानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों को सड़कों के रखरखाव और जीर्णोद्धार का कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया, ताकि सेब ढोने वाले वाहनों को सुगम आवाजाही मिल सके। इसके साथ ही, विद्युत बोर्ड को सेब सीजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, जो बागवानी कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सेब परिवहन को व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला शिमला में पांच स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इनमें मुख्य नियंत्रण कक्ष फागू में 15 जुलाई से कार्यशील हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, सेब सीजन के दौरान निगरानी और सहायता के लिए बलग, शोघी, गुम्मा और कुड्डु में भी नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। संबंधित उपमंडलाधिकारियों को इन नियंत्रण कक्षों में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपनिदेशक बागवानी को फागू स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष में आवश्यक संचार उपकरण जैसे टेलीफोन, फैक्स और सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार, जिला के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
मालभाड़े का निर्धारण और धोखाधड़ी पर लगाम
सभी उपमंडलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में मालभाड़े का निर्धारण सुनिश्चित कर कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए। दरों के निर्धारण में सड़क की स्थिति, सेब के बॉक्स की संख्या और डीजल की कीमतों को ध्यान में रखा जाएगा। यह भी कहा गया कि माल ढुलाई शुल्क को लोगों की जानकारी के लिए नियंत्रण कक्षों, नोटिस बोर्डों और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
ओवरलोडिंग पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सेब सीजन के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति वाहनों में ओवरलोडिंग करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों और क्लीनरों के पहचान पत्र भी बनाए जाएंगे। पिक-अप 4 पहिया वाहन के लिए आई-कार्ड/पंजीकरण शुल्क 200, ट्रक 6 पहिया वाहन के लिए 500 और ट्राला 6 पहिया से अधिक वाहन के लिए 1000 निर्धारित है।
जाम से निपटने के लिए बनाई प्रभावी योजना
ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए एक प्रभावी यातायात योजना भी बनाई गई है। इस योजना के तहत कोई भी ट्रक शिमला शहर में प्रवेश नहीं करेगा; उन्हें ढली-मेहली बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, सेब से लदे ट्रालों को सुबह 5 बजे से रात 9:30 बजे तक ठियोग और शिमला के बीच पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ठियोग की ओर जाने वाली खाली पिकअप गाडिय़ों को बेखल्टी से होकर भेजा जाएगा, जिससे यातायात का दबाव कम हो सके।












