देशभर में ई-पासपोर्ट सेवा में शिमला केंद्र अव्वल, दिल्ली में मिला सम्मान
ई-पासपोर्ट सेवा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का पासपोर्ट केंद्र देशभर में पहले स्थान पर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए उन्नत पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत बीते वर्ष देश के कुछ चुनिंदा शहरों में ई-पासपोर्ट योजना का पायलट चरण शुरू किया गया था। इस पहल में शिमला केंद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के 12 अन्य पासपोर्ट केंद्रों को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है।
13वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर वर्ष 2024-25 के लिए नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए शिमला क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को “पासपोर्ट सेवा पुरस्कार” और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया, जिसमें शिमला पासपोर्ट केंद्र के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई।
इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी वरुण कुमार शर्मा ने सभी कर्मचारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि विदेश मंत्रालय के निर्देशों और एस. कोवेंदन (निदेशक, पीएसपी/पीएमयू) के मार्गदर्शन में शिमला केंद्र में पीएसपी संस्करण-2 के तहत ई-पासपोर्ट सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अंतर्गत हिमाचल के नागरिकों को अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीकी रूप से उन्नत पासपोर्ट सेवा उपलब्ध हो रही है।
ई-पासपोर्ट क्या है?
ई-पासपोर्ट एक नया तकनीकी रूप से सुरक्षित पासपोर्ट है, जिसमें RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप लगी होती है। यह चिप पासपोर्ट के कवर में लगी होती है और इसमें आवेदक की पूरी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो और बायोमेट्रिक डिटेल्स सुरक्षित रहती हैं। इससे पासपोर्ट की सुरक्षा और पहचान प्रक्रिया और अधिक तेज़ और प्रभावी हो जाती है।
भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 के मध्य तक देश के सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों में ई-पासपोर्ट प्रणाली को लागू किया जाए, और शिमला केंद्र की यह उपलब्धि इस दिशा में एक प्रेरणास्पद मिसाल बन चुकी है।












