शिपकी-ला में उमड़ा पर्यटकों का हुजूम, प्राकृतिक सौंदर्य देख मिला सुकून
हिमाचल प्रदेश का सुदूर व सीमावर्ती क्षेत्र शिपकी-ला अब सैलानियों के लिए एक नया स्वर्ग बन गया है। सीएम सुक्खू की पहल से सीमा पर्यटन की गतिविधियां बढऩे लगी हैं और इस क्षेत्र में पर्यटन का एक नया अध्याय लिख रही हैं। शिपकी-ला के अद्भुत नजारे, बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं और यहां पहुंचने वाला हर यात्री प्रकृति की इस अनुपम छटा को देखकर बाग-बाग हो रहा है। सड़कों पर पर्यटकों का बढ़ता उत्साह और उनकी आंखों में चमक इस बात का प्रमाण है कि शिपकी-ला अब हिमाचल के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकता सितारा बनने को तैयार है। शिमला से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित शिपकी-ला अब तक अपनी भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण आम पर्यटकों की पहुंच से दूर था, पर अब मुख्यमंत्री की दूरदर्शी पहल से यह स्वर्ग पर्यटकों के लिए खुल गया है। पर्यटक यहां की असीम शांति, स्वच्छ हवा और हिमालय की भव्यता को महसूस कर रहे हैं। सुबह की सुनहरी धूप में पहाड़ों की चोटियों का नजारा हो या बर्फीली हवाओं के बीच टहलना, हर पल एक यादगार अनुभव बन रहा है। लेपचा, गिऊ और रानी कंडा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पर्यटन की अनुमति मिलने से पर्यटकों को और अधिक अनछुए गंतव्यों का अनुभव करने का मौका मिल रहा है। सरहद, वन उद्यान और इंदिरा गांधी पॉइंट जैसे स्थल यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा रहे हैं, जहां पर्यटक न केवल प्रकृति का आनंद ले सकते हैं, बल्कि इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को भी समझ सकते हैं। स्थानीय लोग भी पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आतिथ्य को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।












