सुक्खू सरकार की नीतियों से आया शिक्षा में सुधार
हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2025 'परख' के परिणामों में हिमाचल ने देशभर में पांचवां स्थान हासिल कर अपनी शैक्षिक गुणवत्ता का लोहा मनवाया है। इस उल्लेखनीय प्रगति का श्रेय सीधे तौर पर राज्य की सुक्खू सरकार की दूरदर्शी नीतियों और विशेष रूप से शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के अथक प्रयासों और मार्गदर्शन को जाता है, जिन्होंने शिक्षा के उत्थान को अपनी प्राथमिकता बनाया। यह मात्र एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 2021 में 21वें पायदान से शीर्ष पांच में आने की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो राज्य के शिक्षा परिदृश्य में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है। शिक्षा मंत्री ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य सरकार की शिक्षा-केंद्रित नीतियों का सीधा परिणाम बताया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐसे साहसिक और अभूतपूर्व फैसले लिए हैं, जिनके परिणाम आज 'परख' सर्वे में स्पष्ट दिख रहे हैं। यह बेहतर रैंकिंग उन्हीं ठोस प्रयासों और नीतियों पर लगी मुहर है। उन्होंने आगे बताया कि छात्रों के सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए विभाग ने गहन रणनीति पर काम किया। उन्होंने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में तीन मॉक टेस्ट आयोजित किए, ताकि बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए तैयार हो सकें। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ाने और उनकी समझ को गहरा करने के लिए दो विशेष पीरियड भी लगाए गए। इन लक्षित तैयारियों और समर्पण का ही परिणाम है कि आज हमारे बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर इतना शानदार प्रदर्शन किया है। दिसंबर 2024 में हुए इस सर्वेक्षण में 1215 स्कूलों के तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के कुल 27 हजार बच्चों का गणित, विज्ञान और भाषा का ज्ञान परखा गया था। हिमाचल ने इस कसौटी पर खरा उतरते हुए 16 अन्य राज्यों को पीछे छोड़ा। विशेष रूप से तीसरी कक्षा के परिणामों में राज्य ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि छठी और नौवीं कक्षा में यह चौथे स्थान पर रहा, जो प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा में राज्य की मजबूती को परिलक्षित करता है।
2 जुलाई को दिल्ली में होगा औपचारिक स्मान
हिमाचल की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा और स्मान समारोह 2 जुलाई को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। यह सफलता हिमाचल प्रदेश को पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में स्थापित करती है, जो यह दर्शाता है कि केंद्रित प्रयासों और मजबूत नेतृत्व से कैसे शैक्षिक परिदृश्य को बदला जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के एक्सपोजर दौरों से हुआ बौद्धिक विकास
समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने इस सफलता के पीछे के कुछ महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का विलय, शिक्षण स्टाफ का युक्तिकरण (शिक्षकों का तर्कसंगत आवंटन), रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना और सभी विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की चरणबद्ध स्थापना जैसे कदम उठाए गए। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के एक्सपोजर दौरों ने वैश्विक शिक्षण दृष्टिकोण और समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने में योगदान दिया।












