5 रुपए भेजे, 2 लाख गंवाए: कारोबारी बना साइबर ठगी का शिकार
लॉटरी के नाम पर कारोबारी के साथ दो लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों को इस तरह के झांसे में न आने की सलाह दी है। साइबर क्राइम सेल को दी शिकायत में कारोबारी ने बताया कि उसे कुछ दिन पहले ही अज्ञात नंबर से कॉल आया था। इस कॉल में उसे लॉटरी निकलने का झांसा दिया। शातिरों ने उसे करीब आधे घंटे तक बातों में उलझाए रखा और इस दौरान लॉटरी की रकम हासिल करने के लिए पंजीकरण के नाम पर महज पांच रुपये मांगे। इसके लिए उनके व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा। इसे स्कैन कर लॉटरी के लालच में आकर कारोबारी ने पांच रुपये भेज दिए। उन्होंने कॉल काटी तो बैंक से दो लाख रुपये की रकम निकल चुकी थी। यह देखकर कारोबारी के होश फाख्ता हो गए। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायतकर्ता ने आप बीती सुनवाई तो जांच करने पर पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। पुलिस के मुताबिक शिकायत करने में कारोबारी ने देरी की, जिस वजह से यह रकम साइबर ठगों ने एक खाते से दूसरे में ट्रांसफर करके निकाल ली थी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह ठगी का शिकार होने पर फौरन मामले की सूचना 1930 पर दें , जितना जल्दी लोग शिकायत करेंगे उनके पैसे मिलने की उम्मीद उतना ही अधिक रहती है।
एक दिन में 53 शिकायतें, 22 लाख की ठगी
साइबर क्राइम सेल के पास 9 जुलाई को प्रदेशभर से साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 391 कॉल आई हैं। इसमें वित्तीय धोखाधड़ी की 53 शिकायतें हैं। इसमें करीब 22,02,983 लाख रुपये की हुई ठगी की बात सामने आई है। साइबर क्राइम सेल के मुताबिक इसमें 8,02,841 रुपये होल्ड करवाए हैं। यह राशि कुल ठगी की 37 फीसदी है जबकि शेष रकम को होल्ड करवाने के लिए पांच लेयर के खातों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह जल्द अपनी शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
इन सावधानियों का करें पालन
अनजाने वीडियो कॉल को नजरअंदाज करें।
अनजाने नंबर से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें।
ओटीपी को किसी से भी साझा न करें।
असुरक्षित वाईफाई नेटवर्क का प्रयोग न करें।
संदिग्ध वेबसाइटों से न जुड़ें।
लॉगइन क्रेडेंशियल किसी से साझा न करें।
फायरवॉल या एंटीवायरस को अक्षम न करें।
पुराने ब्राउजर का प्रयोग न करें।
लोग जितना जल्द साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करेंगे, उनके पैसे उतना ही वापस आने की उम्मीद रहती है। लोगों से आग्रह है कि अन्य औपचारिकताओं में उलझने की जगह जल्द से जल्द शिकायत करें। -दिनेश शर्मा, एएसपी साइबर क्राइम












