शिमला-कालका रेल मार्ग पर दौड़ेगा विस्टाडोम कोच
हिमाचल प्रदेश के गौरव, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल शिमला-कालका नैरो गेज रेलवे मार्ग पर विस्टाडोम कोचों के संचालन की घोषणा ने पर्यटन उद्योग में नई उम्मीदें जगा दी हैं। भारतीय रेलवे के सूत्रों के अनुसार, इन खास कोचों को जुलाई माह तक पटरी पर उतारने की तैयारी चल रही है, जिससे इस ऐतिहासिक रेल यात्रा का अनुभव एक नए ही स्तर पर पहुंच जाएगा। विस्टाडोम कोच अपनी विशाल शीशे की खिड़कियों और पारदर्शी छत के लिए जाने जाते हैं। ये यात्रियों को शिमला के मनमोहक पहाड़ों, घने जंगलों और घुमावदार रास्तों के 360 डिग्री मनोरम दृश्य दिखाएंगे। यह पहल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनेगी और शिमला व आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को निश्चित रूप से बढ़ावा देगी। वर्तमान में, शिमला-कालका रेल मार्ग पर सालाना औसतन 3 से 4 लाख पर्यटक यात्रा करते हैं। विस्टाडोम कोचों की शुरुआत के बाद इस संख्या में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है, खासकर प्रीमियम सेगमेंट के पर्यटकों में। इन विशेष कोचों के लिए प्रीमियम किराए के साथ रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। मौजूदा राजस्व में 25 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इस ऐतिहासिक मार्ग के रखरखाव और विकास के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा। शुरुआती चरण में एक से दो विस्टाडोम कोच चलाए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में 40 से 50 आरामदायक सीटें होंगी। सीटों की यह सीमित संख्या इन यात्राओं को और भी खास बनाएगी। हालांकि आधिकारिक किराये की घोषणा अभी नहीं हुई है।












