हिमाचल प्रदेश में पोस्ट वार सुक्खू सरकार अब आर या पार!
हिमाचल प्रदेश में सोशल नेटवर्किंग साइटों पर पोस्ट वार जारी है। एक के बाद एक पोस्टें सामने आ रही हैं। इशारों की भाषा में निशाने लगाए जा रहे हैं। सुक्खू सरकार में यह पोस्ट वार सुर्खियों में है। उनके वरिष्ठ और कनिष्ठ मंत्री पोस्ट वार में कूद पड़े हैं। सरकार के नजदीक कुछ एक अधिकारी भी पोस्ट वार में अपनी वफादारी निभाने में लगे हैं। यह सिलसिला पिछले तीन माह से यूं ही चल रहा है। प्रत्यक्ष तौर पर फिलहाल नाराजगी जैसी बात नहीं दिखती। मगर, अप्रत्यक्ष तौर पर नुकीले तीर छोडऩे की कोशिशें जरूर हो रही है। यह बात जगजाहिर है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है, ये बातें लगातार सामने आ रही है और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित वन मंत्री चंद्र कुमार, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अपने-अपने तर्कों के साथ संगठन की कमजोरी का बखान कर चुके हैं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग हुए छह माह से ज्यादा का समय हो गया है, मगर कांग्रेस हाईकमान अभी तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाया है और न ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर किसी नतीजे पर पहुंच पाया है। कांग्रेस व सरकार के भीतर तालमेल न होने पर विपक्षी पार्टी बीजेपी खूब हो-हल्ला मचा चुकी है, मगर उसके खुद के दामन में भी नुकीले कांटे सहज ही नजर आते हैं। भाजपा पार्टी में भी कई गुट एक साथ काम कर रहे हैं, जो अपने-अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ते नजर आते हैं। यह पार्टी भी अभी तक नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाई है। ऐसे में सत्तासीन कांग्रेस पार्टी के अंदर ताजा बवाल शांत माने जाने वाले ग्रामीण एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के पोस्ट वार से सामने आया है, जिनका यह वार नवनियुक्त होने वाले नए कांग्रेस अध्यक्ष सहित संगठन की गठित होने वाली नई कार्यकारिणी को लेकर हो सकता है।
अनिरुद्ध सिंह दबाव बनाने की रणनीति पर कर रहे काम
समझा जा रहा है कि अनिरुद्ध सिंह भी दबाव बनाने की रणनीति पर काम करते दिख रहे हैं। संभवत: उनका नाम भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर आगे चल रहा है, जिस पर वे काबिज नहीं होना चाहते हैं, हालांकि इस तरह की दबाव की यह राजनीति डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री सहित लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सीधे तौर पर कर चुके हैं, मगर उनका विरोध सोशल नेटवर्किंग साइटों तक ही सीमित रहा।
अगले दो से चार दिन में पटाक्षेप होने की उ्मीद
जाहिर तौर पर ऐसी पोस्टें चलती रहती हैं। ऐसे में ताजातरीन मामला भी इसी संदर्भ में देखा जा सकता है, जहां पर हल्के-फुल्के दबाव के दर्शन स्पष्ट रूप में दिख रहे हैं, फिर भी यह जो कुछ दिख रहा है, उसका कारण भी कांग्रेस संगठन का पुनर्गठन को लेकर मचा घमासान हो सकता है। वर्तमान स्थिति हालांकि जरूर हैरान करती है, मगर अगले दो से चार रोज के बीच इसका पटाक्षेप जाहिर तौर पर होने की पूरी उ्मीद है।
सीएम सहित अन्य मंत्री दिल्ली में डटे
सीएम सहित अन्य मंत्री भी इसी संदर्भ में दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां पर वह आलाकमान के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है, साथ ही कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन का रास्ता भी साफ हो जाएगा।












