NEET में गलत परीक्षा केंद्र देने का मामला हिमाचल हाई कोर्ट पहुंचा, केंद्र सरकार और NTA को नोटिस
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा में गलत परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने और इसके कारण एक अभ्यर्थी के परीक्षा से वंचित रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 जुलाई निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया है कि उसे 21 जून को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होना था। प्रवेश पत्र में उसका परीक्षा केंद्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ढलियारा, जिला कांगड़ा दर्शाया गया था। निर्धारित तिथि पर जब वह परीक्षा देने के लिए ढलियारा पहुंचा, तो वहां उसे पता चला कि इस नाम का कोई विद्यालय ही मौजूद नहीं है।
याचिका के अनुसार, प्रवेश पत्र में कई तरह की विसंगतियां थीं। अभ्यर्थी को जो टेस्ट सेंटर नंबर आवंटित किया गया था, वह धर्मशाला स्थित परीक्षा केंद्र का था, जबकि प्रवेश पत्र में पिन कोड-176056, सुनहेर, तहसील नगरोटा बगवां, जिला कांगड़ा अंकित किया गया था। परीक्षा केंद्र की जानकारी में इस भ्रम और त्रुटि के कारण अभ्यर्थी समय रहते सही केंद्र तक नहीं पहुंच पाया और उसे परीक्षा से वंचित रहना पड़ा।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की थीं, लेकिन परीक्षा केंद्र की गलत जानकारी ने उसका एक साल बर्बाद कर दिया। मामले को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इसे गंभीर विषय मानते हुए केंद्र सरकार और एनटीए से जवाब मांगा है कि आखिर अभ्यर्थी को गलत परीक्षा केंद्र की जानकारी कैसे उपलब्ध कराई गई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
अब इस मामले पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी, जहां केंद्र सरकार और एनटीए को अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा।






