कांगड़ा में मैनुअल वाहन फिटनेस टेस्टिंग पर केंद्र का जवाब, गडकरी ने मांगा पूरा खाका
कांगड़ा जिले में वाहन फिटनेस की मैनुअल जांच जारी रखने की मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी प्रकार की राहत या छूट पर निर्णय लिया जाएगा।
पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के संशोधित प्रावधानों के तहत 1 अप्रैल 2025 से परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच अधिकृत ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी नीति के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था समाप्त की जा रही है।
नितिन गडकरी ने बताया कि हिमाचल सरकार ने कांगड़ा जिले में सभी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पूरी तरह शुरू होने तक मैनुअल फिटनेस जांच जारी रखने का अनुरोध किया था। इसके बाद मंत्रालय ने राज्य सरकार से जिले में वाहन मालिकों और परिवहन विभाग को हो रही दिक्कतों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
केंद्र सरकार ने यह भी पूछा है कि कांगड़ा के किन आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस सुविधा की आवश्यकता है, वहां ATS स्थापित करने की क्या योजना है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि इन तथ्यों के आधार पर ही किसी अस्थायी राहत पर विचार किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि मैनुअल फिटनेस जांच बंद होने के बाद कांगड़ा जिले के वाहन मालिकों और परिवहन कारोबारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अस्थायी राहत देने की मांग उठाई थी।






