27 को दमसेड़ा में एनएच कंपनी के खिलाफ किसान सभा करेगी प्रदर्शन, आधा दर्जन घर और एक दर्ज़न रास्ते हुए हैं क्षतिग्रस्त
राष्ट्रीय उच्च मार्ग निर्माण कंपनी द्वारा सरकाघाट से धर्मपुर की निर्मित की जा रही सड़क के निर्माण कार्य से जहां आम जनता परेशान है वहीं कुछ परिवारों को पिछले डेढ़ साल से मानसिक तनाव में रहना पड़ रहा है क्योंकि कंपनी ने उनके घरों के आसपास जो कटिंग की है उससे उनके गिरने का ख़तरा पैदा हो गया है और अब बरसात की आहट सुनाई देने पर उनकी रातों की नींद उड़ गई है।लेक़िन कंपनी के आगे सरकाघाट का प्रशासन बौना ही साबित हो रहा है। क्योंकि उनके किसी भी दिशा निर्देश को वे नहीं मानते हैं और अपनी मनमर्ज़ी से काम कर रहे हैं।इससे ऐसा लगता है कि यहां पर सरकार और प्रशासन नहीं बल्कि कंपनी राज कर रही है। यह बात पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह और किसान सभा के अध्यक्ष रणताज राणा ने कही।उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से हिमाचल किसान सभा ऐसे घरों के पास सुरक्षा दीवारें लगाने, तोड़े गए रास्तों और पेयजल स्रोतों का पुननिर्माण जल्दी करने और सड़क निर्माण कार्य को जल्दी पूरा करने की मांग कर रहे हैं और उसके लिए प्रदर्शन भी कर चुकी है।लेकिन अब भी सुनवाई न होने के कारण कल 27 मई से प्रभावितों के साथ सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया गया है जिसकी शुरुआत दमसेड़ा से होने जा रही हैं। जहां पर जगदीश, सोहन सिंह, सरवन कुमार और भाग सिंह के घरों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। इन घरों के रास्ते भी दोनों ओर से तोड़ दिए गए हैं और इनके अलावा दमसेड़ा गांव का रास्ता, सम साई और आल्याण गांव का रास्ता, समशान घाट का रास्ता तथा हरदेव सिंह, बक्सी राम, अंनत राम, कांशी राम के घरों के रास्ते डेढ़ साल पहले तोड़ दिए हैं जिन्हें अभी तक नहीं बनाया गया है।इसके अलावा आल्याण और जमसाई में लगे हैण्डपम्प उखाड़ कर फेंक दिए हैं और अल्याण की बाबड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई है।जमसाई से गासियां पुल तक की सड़क दो साल से अधूरी है और तीन चार स्थानों पर गड्ढे पड़े हैं जिससे अब तक सैंकड़ो गाड़ियों का लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है।गासियां खड्ड में अवैध डंम्पिंग की गई है और वहां पर सड़क की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है और कभी भी दुर्घटना घट सकती है लेकिन प्रशासन ऐसे स्थानों को भी कंपनी से ठीक नहीं करवा पा रहा है और न ही यहां के नुमाइन्दे कुछ कर रहे हैं।इसलिए प्रभावितों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिसकी पूरी जिम्मेवारी कंपनी, प्रशासन और सरकार की है जो यहां के स्थानीय लोगों की समस्या का हल नहीं करवा पा रही है। पंचायत प्रधान सलिता उप प्रधान लश्करी राम महिला मंडल प्रधान बिमला देवी प्रभावित जगदीश चंद, दलीप सिंह, सोहन सिंह, सरवन कुमार, भाग सिंह, नेक राम, हरदेव सिंह, अनंत राम, कांशी राम, निर्मला देवी, गुड्डी देवी इत्यादि ने आम जनता से भी अपील की है वे भी कंपनी व प्रशासन के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन में भाग लें ताकि हम लोगों के घरों की सुरक्षा बरसात से पहले सुनिश्चित करवा सकें। उधर, लौंगनी में लगे बीआरन कन्सट्रक्शन कंपनी के लिए साथ लगती खड्ड व नालों में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है और खनि इंस्पेक्टर, पुलिस, वन विभाग और प्रशासन दिन दहाड़े हो रहे इस खनन को नजरअंदाज कर रहे हैं और आंखे बंद करके बैठे हुए हैं जबकि 2 मई को इसके बारे विस्तृत चर्चा हुई थी और इस अवैध खनन पर पुलिस को नजर रखने के लिए कहा गया था लेकिन कोई कर्यावाई नहीं हो रही है, इसलिए इस अवैध खनन के खिलाफ भी किसान सभा लौंगनी मे सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेगी।












