सरसों तेल फर्जीवाड़े को लेकर भाजपा और माकपा हमलावर, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
सरकाघाट क्षेत्र में सरकारी डिपुओं में फूड लाइसेंस रहित मिलावटी सरसों तेल की आपूर्ति को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा और माकपा ने कांग्रेस सरकार पर इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों दलों का कहना है कि बिना फूड लाइसेंस के तेल की सप्लाई कर जनता की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है और सरकार की इसमें मिलीभगत है।भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता अजय चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास नागरिक आपूर्ति विभाग होने के बावजूद इतनी बड़ी अनियमितता हुई, यह गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलकत्ता की यूनिवर्सल गोल्ड, बद्दी की हिम एग्रो इंडस्ट्री और पंजाब की हरि संस कंपनी ने मिलकर हज़ारों फर्जी तेल के पाउच हिमाचल में पहुंचाए, और आबकारी व खाद्य सुरक्षा विभाग मूकदर्शक बना रहा। उन्होंने इस मामले की सीआईडी या न्यायिक जांच की मांग की। वहीं, भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र अत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार व्यवस्था के नाम पर विफल हो चुकी है। उन्होंने इसे केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि आम जन के जीवन से जुड़ा मुद्दा बताया।माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने सरकार पर पैसे के खेल में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी डिपुओं में केवल मान्यता प्राप्त कंपनियों के उत्पादों को ही शामिल किया जाए। उन्होंने मांग की कि डिपुओं में इनकी सूची चस्पा की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। विपक्ष ने चेताया कि अगर जांच नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।












