वरुण वालिया ने रचा इतिहास: विश्व युवा सवात चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक
हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले के मालवाना गाँव के 16 वर्षीय वरुण वालिया ने उज़्बेकिस्तान में आयोजित विश्व युवा सवात चैंपियनशिप 2025 में कांस्य पदक जीतकर भारत को पहली बार इस प्रतिष्ठित फ्रांसीसी मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में पोडियम पर पहुँचाया। 42 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेते हुए वरुण ने दो कठिन मुकाबले जीतकर भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता के रूप में इतिहास रच दिया।वरुण की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह ऐसे राज्य से हैं जहाँ सवात का प्रशिक्षण और संसाधन सीमित हैं। सेंट एफ.एक्स. कॉन्वेंट स्कूल, बगला में पढ़ने वाले वरुण ने गाँव के साधारण माहौल में कठिन अभ्यास से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता एचआरटीसी में कर्मचारी हैं और माता गृहिणी। उनकी जीत ने न सिर्फ मंडी, बल्कि पूरे हिमाचल में उत्सव का माहौल बना दिया। टीम इंडिया ने इस बार पहली बार विश्व युवा सवात चैंपियनशिप में भाग लिया था। पाँच खिलाड़ियों की टीम में वरुण सहित दो हिमाचल और तीन बिहार से थे। कोच राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह भागीदारी भारत में सवात के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। सवात एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तकनीकी निदेशक नवजोत भारजोत ने वरुण को “भविष्य का सितारा” बताया। अब वरुण की नज़र स्वर्ण पदक और विश्व रैंकिंग पर है। भारतीय सवात संघ ने ऐलान किया है कि भविष्य में स्वर्ण जीतने वालों को पूर्ण प्रायोजन मिलेगा।












