प्रदेश सरकार की योजनाओं से बदल रही है किसानों की तस्वीर : हर्षवर्धन चौहा
श्रम, उद्योग और संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को शिलाई में किसान मेला आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से इन मेलों का आयोजन कर रही है।हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को लेकर गंभीर है और इसके तहत उत्पादों को समर्थन मूल्य देकर किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं के लिए ₹60 प्रति किलो, मक्की के लिए ₹40 और हल्दी के लिए ₹90 प्रति किलो का समर्थन मूल्य तय किया गया है। वहीं, गाय के दूध का ₹51 और भैंस के दूध का ₹61 प्रति लीटर मूल्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक विधियों को अपनाएं जिससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए बाजार पर निर्भरता नहीं होती, किसान जैविक खाद व कीटनाशक स्वयं तैयार कर सकते हैं। इससे खेती की लागत घटती है, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और सूखे व अधिक वर्षा जैसी परिस्थितियों में भी फसलें टिकाऊ रहती हैं। इस अवसर पर मार्केटिंग कमेटी अध्यक्ष सीता राम शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि डॉ. रविन्द्र जसरोटा, उपनिदेशक कृषि राजकुमार, परियोजना निदेशक आत्मा साहब सिंह, वैज्ञानिक पंकज मित्तल, पंचायत समिति अध्यक्ष अनीता देवी, पूर्व अध्यक्ष मस्त राम पराशर, जिला परिषद सदस्य रंजीत नेगी समेत कई पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।












