मनमर्जी से चलती है सरकार डिपो की बसें, लोग व स्कूली बच्चे सड़कों पर करते रहते इंतजार लेकिन बसें नहीं आती
हिमाचल पथ परिवहन निगम सरकाघाट डिपो की बसों की मनमर्जी के चलते इन बसों में सफर करने वाले लोगों व स्कूली बच्चों व कर्मचारियों को भारी और सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है सोमवार सुबह भी ऐसा ही देखने को मिला प्रातः 6:45 पर चलने वाली सरकाघाट, लौंगनी फिहड़, छुईघाट, बिंगा बल्याना, मढ़ी बस न आने से इस बस में सफर करने वाले लोगों को भारी और असुविधा का सामना करना पड़ा लोग बस अड्डा सरकाघाट व मढ़ी के बीच बस का इंतजार करते रहे, लेकिन बस नहीं आई स्कूली बच्चे कर्मचारी व अन्य लोग बस अड्डे पर संपर्क साधते रहे, लेकिन किसी ने भी फोन उठाने की जरूरत नहीं समझी बस अड्डे पर मौजूद सवारियों ने जब बस के बारे में काउंटर पर पूछा तो जवाब मिला कि बस नहीं जाएगी और यह कहा कि नीले रंग की बस होने के कारण इस रूट पर बस नहीं जाएगी, लेकिन अन्य रूटों पर इसी सड़क नीली बसें भेजी गई विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों ने सवाल उठाया है। लोगों का कहना है कि विभाग कई बार इस रूट पर पहले भी ऐसा कई बार कर चुका है इसको लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है लोगों में विपिन कुमार, शांता देवी, व्यास देवी, लीला देवी, अरुण कुमार, ओम प्रकाश, अजीत सिंह, रामनाथ, नत्था सिंह, प्रेम सिंह, मीरा देवी, अंकित डोगरा, सुरेश कुमार, प्रेम सिंह, मेहर सिंह, बहादुर सिंह, सीता देवी, पूरन सिंह, गंगाराम, दामोदरदास, सुभाष चंद्र, राजेश कुमार आदि ने कहा कि वह पहले भी इस बारे में विभागीय अधिकारियों को आगाह कर चुके हैं। उन्होंने सरकार से इस बस को नियमित रूप से चलाने की मांग की है और लोगों ने यह भी कहा है कि अगर बस सुचारू रूप से नहीं चलाई गई, तो लोग विभागीय अधिकारियों का घेराव करेंगे। जब इस बारे में विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो कार्यवाहक रीजनल मैनेजर ईशान ठाकुर ने बताया कि मैं इस बस के बारे में पता करके क्यों नहीं इस बस को भेजा गया, जिस किसी की भी इसमें गलती होगी, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनसे इस बारे में लिखित में जवाब मांगा जाएगा।












