मातृ शक्ति संधोल ने अस्पताल में मात्र तीन दिन डॉक्टर तैनात करने की कड़े शब्दों में निंदा
. कहा, वादे से मुकरे हैं विधायक
. 8 साल से नहीं हुई अस्पताल में कोई भी डिलीवरी
. पिछले आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन छेड़ेगी जनता
संधोल सिविल हस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को देखते हुए मंगलवार को स्थानीय विधायक चंद्रशेखर ने यहां 3 विशेयज्ञ माह के केवल 3 दिन की व्यवस्था करने की घोषणा करने के बाद डॉक्टरों को लेकर पिछले वर्ष महिलाओं के बड़े आंदोलन करने वाली मातृ शक्ति संधोल की अध्यक्ष पूनम ठाकुर ने जोरदार ढंग से इसका विरोध किया और कहा जब सौ दिनों समय मांगकर विधायक ने डेढ़ साल बाद स्थाई डॉक्टर देने के बजाए ऐसी व्यवस्था दी है जिसका स्थानीय लोंगो को कोई सरोकार नही है न ही कोई लाभ मिलने वाला है।उन्होंने कहा कि स्थानीय सिविल अस्पताल दर्जन भर पंचायतों की यहां करीब 23 हजार लोगों की स्वास्थ्य सुविधा इसके जिम्मे हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर यंहा कुछ भी नही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसी व्यवस्था को ठीक करने के लिए दिसंबर की सर्दियों में 23 दिन क्रमिक अनशन किया था और यहां लचर पड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर क्षेत्र की 49 महिला मंडलो ने उनका सहयोग किया था, लेकिन अनशन खत्म करने को लेकर स्थानीय विधायक ने समस्त क्षेत्र के लोंगो के सामने आश्वासन दिया था कि उन्हें सिर्फ 3 महीने का समय चाहिये लेकिन बावजूद तब से लेकर अब तक स्वास्थ्य के नाम विधायक ने यही किया महज 3 विशेज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था महीने में एक बार की है, जबकि यहां न कोई मेडिसिन विशेषज्ञ हैं न अन्य कोई ऐसी सुविधाएं जिसके चलते लोंगो को उपचार सस्ते में घर द्वार मिल जाए। उन्होंने कहा कि क्या अब लोंगों को बीमारिया इन चयनित दिनाक को देखकर आएंगी? इस बात की क्या सम्भावना नही की उस दिन छुटी हो? भौगोलिक दृष्टिगत और आवागवन के संसाधनों के अभाव के चलते वो ही छुटी ले लें? क्योंकि इससे पूर्व भी ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां 10 किमी दूर जयसिंहपुर सिविल हस्पताल में लगभग पूरा स्टाफ है और अभी लोग टैक्सी इत्यादि करके इतनी दूर कतारबद्ध होना पड़ता है और गंभीर बीमारी के मामले में पालमपुर, हमीरपुर ओर टाण्डा जाना पड़ता है। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती हैं, लेकिन दर्जन भर की हजारों महिलाओं के लिए एक भी विशेषज्ञ नही ओर न ही इस हस्पताल में पिछले आठ सालों से कोई डिलीवरी भी नहीं हुई। न यहां ईसीजी है ना कोई अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। मशीन दी तो रेडियो ग्राफर के अभाव में जंग खा रही है। उन्होंने स्थानीय विधायक से मांग की है शीघ्र इस हस्पताल में भी नियमित विशेज्ञों की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नही होता है तो पुनः अन्य सामाजिक संगठनों के साथ सहयोग कर पिछले आंदोलन से बढ़ा सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ेंगी।












