चोलथरा में घरों की सुरक्षा, रास्तों तथा सड़क का निर्माण न करने वाली कंपनी की बजाए लोगों पर मुकदमा बनाने का करेंगे विरोध: बिहारी लाल
चोलथरा व्यापार मंडल और ग्राम पंचायत सरौन और चोलथरा, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति,सर्वोदय जनसेवा समिति और किसान सभा के आह्वान पर पिछले कल चोलथरा में एनएच निर्माण कार्य से पिछले तीन साल से परेशान जनता ने प्रदर्शन किया और जिसकी पूर्व सूचना लिखित में 29 मई को एसडीएम, डीएसपी और एसएचओ सरकाघाट दी गई थी। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन सुबह ही चोलथरा पहुंच तो गया था, लेकिन निर्माण कार्य के कारण घरों के पास के पास सुरक्षा व्यवस्था करने, चोलथरा बाजार की सड़क बहाल करने तथा तोड़े गए रास्तों और पेयजल स्रोतों को एक समय सीमा में पूरा करवाने के लिए लिखित में देने के लिए तैयार नहीं हुआ। एसडीएम औऱ डीएसपी ने मौके पर से ही हमीरपुर से भारत सरकार के सड़क, परिवहन और राजमार्ग के पीडी को प्रदर्शन स्थल पर बुलाया जो लगभग दो घंटे बाद वहां पहुंचा और उसके बाद उनकी मौजदगी में इकरार हुआ, लेकिन आज मीडिया में छपी खबर से जानकारी मिली है कि पुलिस ने तीस लोगों पर राष्ट्रीय उच्च मार्ग एक्ट के तहत मुक़दमा दर्ज किया है। पुलिस के इस फैसले का चोलथरा व्यापार मंडल, ग्राम पंचायत, सर्वोदय जनकल्याण समिति, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति, हिमाचल किसान सभा और अन्य लोगों ने इसके लिए कड़ी निंदा की है और इसे रद्द करने की मांग की है। निर्माण कार्य से प्रभावित लोगों जिन्होंने प्रदर्शन में भाग लिया जिनमें महिलाएं अधिक संख्या में शामिल थी ने इस फैसले को कंपनी के पक्ष और दिक्कतें झेल रही जनता के विरोध वाला बताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहा है लोग जो शांतिप्रिय तरीके से बरसात से पहले घरों, रास्तों और चोलथरा बाजार की सड़क को पूरा करने की मांग कर रहे थे, लेकिन एसडीएम और डीएसपी समय निर्धारित नहीं करवा पाये जिसकारण थोड़ी देर सड़क पर यातायात बाधित हुआ जिसकी बजह प्रशासन रहा और केस लोगों पर बनाया गया। मुकदमा दर्ज करने का अर्थ केवल इतना ही है कि सरकाघाट का प्रशासन पूरी तरह से फेल हो गया है और कंपनी के आगे हथियार डाल चुका है और वे लोगों के जान माल की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम हो गया है, इसलिए कंपनी के बजाए उन लोगों पर मुकदमे दर्ज कर रहा है जो पिछले तीन साल से परेशानी में हैं और अब बरसात शुरू होने के कारण उनकी चिन्ता और बढ़ गई है लेकिन सरकाघाट प्रशासन उसके लिए अपनी जिम्मेवारी नहीं निभा रहा है।पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 20 मई को एसडीएम तथा 26 मई को डीएसपी सरकाघाट को लिखित में शिकायत पत्र लिखकर कंपनी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को भेजने की बजाए विभाग को उसे आगामी कर्यावाई के लिए हमीरपुर भेज कर फारमल्टी पूरी कर दी है और डीएसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए कानून की धाराओं का अभी तक पता नहीं लग रहा है।लेकिन जिनके घर उजड़ गए हैं उनके ऊपर केस बनाने की धाराओं का ज्ञान पूरा है जो उनकी जनता और देश और प्रदेश के कानून के प्रति उदासिनता को दर्शाता है।व्यापार मंडल के प्रधान बिहारी लाल और ग्राम पंचायत प्रधान मेहरचंद गारला इत्त्यादी ने बताया कि उन्होंने एसडीएम को तीन सप्ताह पहले ज्ञापन सौंपा था और 20 मई को दोबारा सरकाघाट में अन्य संगठनों के रैली निकाल कर मांगपत्र दिया था लेकिन प्रशासन पूरी तरह से फेल होने के कारण लोगों को सड़क पर उतर कर परर्शन करना पड़ा और अब उन्हीं पर मुकदमा बनाना सरासर गलत जिसका लोग विरिध करेंगे और ये मुकदमे रद्द नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र रूप में किया जाएगा और इन अधिकारियों तथा कंपनी के खिलाफ जनता एफआईआर और हाईकोर्ट में केस दर्ज करेगी। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 2 जून को रखोह में भी प्रदर्शन किया जा रहा है और उसी दिन बैठक करके अगली योजना भी बनाई जाएगी लेकिन कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जारी रहेगा और इस प्रकार के झूठे केस बनाकर ये आंदोलन रुकने वाला नहीं है।












