स्याठी आपदा प्रभवितों को गैर सरकारी संस्थाओं से मिल रही है मदद, सरकार और प्रशासन बना है तमाशबीन – भूपेंद्र
धर्मपुर विकास खंड के स्याठी गांव के डेढ़ दर्जन आपदा प्रभावित परिवारों ने डेढ़ महीने मंदिर परिसर में गुजारने के बाद अब किराये के मकानों में शरण ली है। इन परिवारों की पुनर्वास प्रक्रिया में सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठते जा रहे हैं। भूपेंद्र सिंह, पूर्व जिला पार्षद एवं हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के संस्थापक सदस्य, ने आरोप लगाया कि सरकार अभी तक प्रभावितों को न तो जमीन आवंटित कर पाई है और न ही पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी बीच हिमाचल ज्ञान विज्ञान एवं साक्षरता समिति ने इन सभी परिवारों को राहत प्रदान करते हुए प्रत्येक परिवार को चार कुर्सियां और एक टेबल प्रदान की हैं, जिनका वितरण गांव में ही किया गया। इन परिवारों का सारा सामान 30 जून को आए मलबे में दब गया था। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था ने स्याठी गांव के साथ-साथ कपाही और गरली-बाल्ही के एक-एक बेघर परिवार को करीब 50,000 रुपये मूल्य की सामग्री प्रदान की है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अभी तक विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने लगभग 60 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और 20 लाख रुपये की खाद्य व आवश्यक सामग्री की मदद की है। कुछ स्थानीय लोगों ने जमीन दान करने की भी पेशकश की है, जिनमें भड्डू रोड पर पांच परिवारों के लिए भूमि देने की बात कही गई है। भूपेंद्र सिंह ने प्रशासन से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि सरकार जमीन नहीं दे रही तो लोग वैकल्पिक व्यवस्था करें।












