पानी की समस्या को लेकर 11 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन एडीबी योजना को पूरा करने की उठी मांग
जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र की 11 पंचायतों में लंबे समय से चली आ रही पेयजल किल्लत को लेकर सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने बड़ा कदम उठाया। पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया तथा पूर्व जिला परिषद सदस्य संजीव शर्मा ने एसडीएम जोगिंद्रनगर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि एशियाई विकास बैंक की 26 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को तुरंत पूरा किया जाए। उनका कहना है कि यह योजना पूरी हो जाने पर करीब 20 हजार से ज्यादा की आबादी को पानी की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।ज्ञापन सौंपने के बाद उहल होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया ने कहा कि योजना का आधे से ज्यादा कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, लेकिन राजनीतिक कारणों और विभागीय लापरवाही के चलते शेष कार्य अटका हुआ है। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो प्रभावित पंचायतों के लोग बड़ा आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होंगे।
पूर्व जिला परिषद सदस्य संजीव शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि गर्मियों के मौसम में इन 11 पंचायतों में पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। लांगणा और खडिहार पंचायतों में व्यास नदी सोर्स से पानी आता था, लेकिन हर साल मानसून के दौरान बाढ़ व भूस्खलन से पानी के सोर्स व स्कीमें बह जाती हैं। इससे इन पंचायतों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि एडीबी की यह योजना लागू हो जाती है तो यह समस्या स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी।संजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्हें उन पांच पंचायतों से कोई आपत्ति नहीं है जो इस योजना का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि उन पंचायतों में भी पानी की दिक्कत है तो वे भी सरकार से अलग से मांग करें। लेकिन किसी भी स्थिति में इस योजना को रोकना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे जनता को राहत नहीं मिलेगी बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुलाह, खडिहार, कोंलग, लांगणा, खुडी, कथोन, त्रैम्बली, कुठेहडा, पीपली, धार, बघैर और रकतल पंचायतों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि क्षेत्र में पहले भी कई योजनाएं राजनीति की भेंट चढ़ चुकी हैं, जिससे जनता को वर्षों तक समस्याओं का सामना करना पड़ा। यदि एडीबी की यह योजना भी अधूरी रह गई तो हजारों लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान समय में आई.पी.एच. विभाग जल आपूर्ति करने में असमर्थ है और गर्मियों में हालत और बिगड़ जाते हैं। ऐसे में यह योजना ही एकमात्र समाधान है। पंचायत प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्यों ने सरकार से सामूहिक रूप से मांग की है कि एडीबी योजना को शीघ्र पूरा करवाकर क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान की जाए और वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।












