पटडीघाट और मसेरन हादसों का इंतजार कर रहा है लोक निर्माण विभाग
- सरकाघाट की दर्जनभर सड़कें बनीं 'मौत का कुआं
सरकाघाट क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है। क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सड़कें पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। इन सड़कों पर न तो रेलिंग लगाई गई है और न ही किनारों पर कोई सुरक्षा दीवार। इससे वाहन चालकों को हर वक्त जान का जोखिम बना रहता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार 1100 से लेकर संबंधित विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रोजाना इन सड़कों पर सफर करते मसेरन के तालंगरा और पटडीघाट में हुई दुर्घटनाओं का भय बना रहता है।
डंगे न लगने से हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन सड़कों पर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो पटडीघाट या तालनगरा जैसी बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है, क्योंकि सड़कें मौत के कुएं बन चुकी हैं। इन सड़कों पर एक छोटी सी चूक किसी की भी जान ले सकती है। सरकाघाट मसेरन रखोटा भद्रवाड, रिस्सा, पिंगला, पपलोग, द्ववारडू सड़क पर कई जगह डंगे तो 2023 की बरसात में गिरे हैं। 2025 खत्म होने वाला है, परंतु विभाग ने इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया है। हालात यह है कि इन जगहों पर विभाग द्वारा लगाई गई दीवारें और डंगे भीतर से खोखले होकर गिर चुके हैं। ऐसे कच्चे डंगे पर भारी वाहन और बसे चलेंगी तो वो सड़क धंसेंगी ही। यही नहीं सड़क पर घास इतना है कि चालकों को कोई पता नहीं चल रहा है कि सड़क है या कच्ची जगह है। नालियों का तो पता ही नहीं है कि कहां हैं। सड़क पर खड्डें भी इतने ज्यादा हैं कि छोटी गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। इन सड़कों की ओर विभाग कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। लिंक रोड की तो बात छोड़ें, सरकाघाट से मंडी को जाने वाले मेन रोड की हालत खस्ताहाल हैं। रखोटा से जमणी, दुर्गापुर, भद्रवाड से पिंगला, खरौट, सलयाणी से जमनगलु, भद्रवाड से कलेहडी, छात्र, सुरांगडी, रिस्सा, छिवावल्ह की भी बहुत खराब हालत है। उपमंडल भद्रवाड में पिछले छह महीने से न तो कोई टायरिंग हुई न ही कहीं पर पैचवर्क लगाने का कार्य हुआ है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन सड़कों की स्थिति बेहद खतरनाक है, वे वर्षों से विभाग की जानकारी में हैं। बावजूद इसके न तो रेलिंग लगाई गई और न ही चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लोक निर्माण विभाग सरकाघाट के अधिशासी अभियंता हितेश शर्मा ने कहा कि फंड की कमी है। फिर भी जहां डेंजर स्पॉट हैं, वहां पर बरसात थमते ही डंगे लगाए जाएंगे। तब तक जो सड़क किनारे घास हो गई है या डंगे टूट चुके हैं, वहां पर सांकेतिक बोर्ड और पत्थर लगा दिए जाएंगे।
जनता ने अविलंब कार्रवाई की मांग
पूर्व प्रधान ओम प्रकाश शर्मा, राकेश कुमार, सुनील शर्मा, विक्की ठाकुर, लेख राम, नथु राम, सुरेंद्र पाल शर्मा, काली दास, पूर्व प्रधान तुलसी राम, सुमन कुमार, पवन कुमार, राकेश कुमार, संजय कुमार, बलदेव राम, साजन कुमार, विनय राणा आदि स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इन जानलेवा सड़कों पर तुरंत रेलिंग और सुरक्षा दीवारें बनाई जाएं, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो।












