सरकाघाट से चोलथरा पपलोग सड़क पर डंगे लगाने को लेकर एसडीएम और एक्सियन को सौंपा ज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र भारद्वाज और शहर के कई बुद्धिजीवी वर्ग ने सरकाघाट से चोलथरा वाया पपलोग सड़क डंगे लगाने और गिरे हुए डंगों की जगह सांकेतिक बोर्ड लगाने को लेकर एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है जिससे उन्होंने मांग की है कि कई जगहों पर सड़क किनारे पक्के डंगे लगने है और जो डंगे लगे भी हैं, उनमें मसेरन व सरौरी के पास लगे डंगों की तरह सीमेंट ही नहीं लगा है। इनमें 1 डंगा पपलोग से पहले बाई तरफ, 2 डंगे कराड़ी के पास तथा 1 डंगा प्राथमिक पाठशाला जनदरेहड़ी के पास प्राथमिकता पर लगने हैं, जिससे मसेरन जैसा हादसा दोबारा न हो सरकार से मांग की है, कि वो ब्लाइंड स्पॉट को चिन्हित कर, उनकी मरम्मत करवाएं, जिसका ज्ञापन पहले भी भेजा जा चुका है। तथा लोक निर्माण विभाग में भू वैज्ञानिकों की भर्ती करने की मांग की है, जो लगातार हिमाचल में बनी सभी सड़कों पर कच्चे व पक्के डंगों की गुणवत्ता तथा सड़कों पर सीलन की वज़ह/नमी की वज़ह से अपेक्षित भूस्खलन की जांच कर, उन पर रैड मार्किंग किया करेगी, जिससे सड़क ख़राब होने की वज़ह से कोई दुर्घटना न हो। अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सरकाघाट, हितेश शर्मा ने ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वीकृत करते हुए बताया कि उनके पास सड़कों के रखरखाव के लिए बजट ही नहीं हैं। इसलिए सरकार से मांग की जाती है, कि अगले 1 वर्ष तक सभी तरह के विकास कार्य भली ही रोक दे, लेकिन मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दें, जिससे किसी भी व्यक्ति की दुर्घटना की वज़ह से गंभीर चोटें न लगे और किसी की भी अचानक मौत न हो। उन्होंने खेद जताया कि 5 महीने पहले भी इन जगहों पर पक्के डंगे लगाने के लिए ज्ञापन दिया था, लेकिन सिर्फ कुछ ही डंगे लगे, वो भी बिना सीमेंट के। इस मौके पर सेवानिवृत प्रधानाचार्य राज कुमार शर्मा, सेवानिवृत अधीक्षक रणजीत सिंह व रणवीर सिंह गुलेरिया, उप प्रधान खलारड़ू इत्यादि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।












