उच्च न्यायालय ने गवाली में पेड़ काट कर बनाई गई अवैध सड़क को हटा कर पूर्व स्थिति बहाल करने के दिए आदेश
द्रंग विधानसभा क्षेत्र की उरला वन रेंज के तहत आने वाले गवाली गांव में सरकारी जमीन से पेड़ काट कर तथा विभाग द्वारा लगाई गई बाड़ को हटाकर बनाई गई सड़क के मामले में प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक मामले का निपटारा करते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही राजस्व व वन विभाग को आदेश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी जमीन के चारों ओर बाड़ लगाकर यहां पर पौधारोपण किया जाए। गवाली गांव के भारत भूषण ने प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी सरकारी जगह पर उन्होंने पौधारोपण किया था मगर कोई व्यक्ति एक साजिश के तहत बड़े हो गए पेड़ों को काट रहा है जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इस सरकारी जगह पर अवैध तौर पर सड़क भी बना दी गई है। केस नंबर 4209 आफ 2025 पर अपना निर्णय देते हुए जस्टिस संदीप शर्मा की बैंच ने उपमंडलाधिकारी ना पधर, तहसीलदार पधर, एसएचओ थाना दं्रग पधर व रेंज आफिसर उरला को आदेश दिए कि वह मौका पर जाकर निरीक्षण करके सरकारी जमीन की बाड़बंदी करवा करवाएं ताकि स्थानीय लोग सरकारी जमीन पर अनावश्यक अतिक्रमण न करें। कोशिश की जाए कि यहां पर पौधारोपण करके इसे फिर से हरा भरा किया जाए। प्रदेश उच्च न्यायालय में भारत भूषण बनाम प्रदेश सरकार व अन्य में याची की ओर से सुनील मोहन गोयल व अभिनव मोहन गोयल ने पैरवी की।












