जोगिंद्रनगर में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल, 16 जुलाई को हिमाचल किसान सभा करेगी जनप्रदर्शन
जोगिंद्रनगर में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं, बंद पड़ी सड़कों और आपदा राहत की अनदेखी के खिलाफ हिमाचल किसान सभा 16 जुलाई को एक विशाल जनप्रदर्शन आयोजित करेगी। यह प्रदर्शन सुबह 10 बजे रामलीला मैदान, जोगिंद्रनगर से शुरू होगा। सभा के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। सभा ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में डॉक्टरों के 15 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जबकि चौंतड़ा सीएचसी बिना गायनी विशेषज्ञ के केवल एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है। लडभड़ोल क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है। बरसात के चलते जलजनित बीमारियों में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर ही नहीं हैं। अस्पताल भवन शोपीस बन गए हैं और मरीजों को केवल रेफर किया जा रहा है। जो कुछ डॉक्टर कार्यरत हैं, वे अत्यधिक कार्यभार से जूझ रहे हैं। हिमाचल किसान सभा के जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज, ब्लॉक अध्यक्ष रविंदर कुमार, चौंतड़ा जोन अध्यक्ष नीलम वर्मा, सचिव किशन चौहान, उपाध्यक्ष नरेश धरवाल, मकरीड़ी जोन अध्यक्ष तिलक राज, लडभड़ोल अध्यक्ष टेक सिंह, तथा अन्य अनेक पदाधिकारियों ने इस संदर्भ में संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के चलते कई सड़कों की हालत खस्ता है और कई सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें गड़ूही, भौरा, गलमाठा-सजेहड़, मनारू, पटेहड़, बनोग, अथराह छांब, मंढोता, खरोन, बड़ोण-पट्टी, द्रुब्बल-कुनकर-नागण, मझारनू-कुफरू-घरोन-गलू, मोहनघाटी-बाग, चक्का-झमेहड़-बनोण, कुड़नू-दरकोटी व भड़याड़ा सड़कें प्रमुख हैं। कुछ सड़कों को जनपक्ष की जीत के बावजूद अब तक नहीं खोला गया है। सभा ने यह भी कहा कि बरसात में आई आपदा के बाद अब तक प्रभावितों को कोई राहत या मुआवजा नहीं मिला है। कई गांव अब भी खतरे की जद में हैं और प्रशासन द्वारा कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए हैं। सभा ने सभी किसान संगठनों, महिला मंडलों, युवाओं व आम जनता से अपील की है कि वे इस आंदोलन में भाग लें और सरकार व प्रशासन तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाएं। जनहित की मांगों के लिए संघर्ष तेज होगा, जब तक समाधान नहीं होता तब तक आवाज बुलंद रहेगी।












