पाड़छु में पुल गिरने के बाद संकट गहराया, किसान सभा का प्रदर्शन आज
- गासियां खड्ड में अवैध डंपिंग से जलभराव, गासियां माता मंदिर और मोक्षधाम डूबे; भूपेन्द्र सिंह ने आपदा प्रबंधन टीम बुलाने व जिम्मेदार कंपनियों की गिरफ्तारी की मांग की
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के पाड़छु में निर्माणाधीन पुल गिरने और भारी बारिश के चलते गासियां खड्ड में आया जलभराव अब बड़े खतरे का संकेत बन गया है। खड्ड में रुके पानी से गासियां माता मंदिर और मोक्षधाम डूब चुके हैं। माकपा नेता और पूर्व जिला पार्षद भूपेन्द्र सिंह ने मंडी प्रशासन से अविलंब राहत एवं बचाव दल भेजने की मांग की है, ताकि जलनिकासी व मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने पुल निर्माण में लगी गावर और सूर्या कंस्ट्रक्शन कंपनियों के प्रबंधकों की गिरफ्तारी की भी मांग की है। भूपेन्द्र सिंह ने चेताया कि अगर रुका हुआ पानी मलबा बहा कर नीचे ले गया तो शिवदवाला से लेकर धर्मपुर तक तबाही मच सकती है। हिमाचल किसान सभा इस मुद्दे पर आज, 25 जून को घटनास्थल पर प्रदर्शन करेगी। सभा के अध्यक्ष रणताज़ राणा, सुरेश शर्मा, देशराज पालसरा समेत कई नेताओं ने पुल निर्माण में अनियमितताओं की बात दोहराई है। आरोप है कि बिना अनुमति खड्ड में मलवा डाल कर शटरिंग की गई, जिससे निर्माणाधीन पुल ढह गया। नेताओं ने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली एजेंसियां—हमीरपुर स्थित परियोजना निदेशक और एलएन मालवीया कंसल्टेंसी—भी अपने कर्तव्यों में विफल रही हैं।किसान सभा ने सरकार और प्रशासन पर कंपनियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। पुल हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












