नरोला गांव में नाग देवता स्थल पर शिव मंदिर निर्माण फिर से अटका, जमीन हुई सरकार के नाम
मंडी जिले की तहसील बलदवाड़ा के अंतर्गत गांव नरोला के सामने जाहू-घुमारवीं सड़क के नाग मोड़ पर स्थित भूमि पर शिव मंदिर निर्माण का कार्य बीते 20 वर्षों से अटका हुआ है। वर्ष 2005 में यहां नाग देवता के चमत्कारी दर्शन के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी आस्था जागृत हुई थी और मंदिर निर्माण की पहल की गई थी। भूमि स्वामी स्वर्गीय रामजी ने खसरा नंबर 208 की भूमि मंदिर निर्माण के लिए कमेटी को दान दी थी और मंदिर निर्माण समिति का पंजीकरण भी एसडीएम सरकाघाट कार्यालय में किया गया था। गांव की आवाज के कैप्टन जगदीश वर्मा, बलदेव सिंह, सुंदर सिंह, महंत राम सहित अन्य ने बताया कि काफी मात्रा में ईंट, सरिया, सीमेंट और धन मंदिर निर्माण हेतु दान में मिला था, लेकिन दानकर्ता और समिति के बीच मंदिर के रखरखाव और पुजारी संबंधी विवाद उपज गया, जो बाद में न्यायालय तक पहुंचा। मामला 2005 से 2018 तक विभिन्न अदालतों में चला और अंततः कमेटी के पक्ष में फैसला आया, परंतु रजिस्ट्री के बावजूद धारा 118 की अनुमति न होने के चलते जमीन का इंतकाल रुक गया। उपायुक्त मंडी के निर्णय अनुसार भूमि को हिमाचल प्रदेश सरकार के नाम कर दिया गया है। हाल ही में 27 जून को स्थानीय बैठक में उपप्रधान लशकरी राम की अध्यक्षता में नई समिति गठित की गई है। समिति ने जिलाधीश मंडी से आग्रह किया है कि स्वर्गीय रामजी के उत्तराधिकारी अब धारा 118 की अनुमति देने को तैयार हैं, अतः मामले पर पुनर्विचार कर भूमि का इंतकाल नवगठित समिति के नाम किया जाए, ताकि शिव मंदिर निर्माण कार्य दोबारा प्रारंभ हो सके।












