12 दिन मौत से जूझने के बाद अर्चना ने तोड़ा दम, ससुराल वालों पर प्रताड़ना का मामला दर्ज
उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत टिक्कर के गांव कहणा निवासी अर्चना देवी (पत्नी पृथ्वीराज) ने 12 दिन तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद एम्स बिलासपुर में दम तोड़ दिया। अर्चना 28 मई को अपने घर के बरामदे में बेहोश मिली थी। परिजन उसे पहले जोनल अस्पताल मंडी, फिर मेडिकल कॉलेज नेरचौक और अंततः एम्स बिलासपुर ले गए, जहां वह लगातार आईसीयू में भर्ती रही, लेकिन होश में नहीं आई। मृतका के पिता रणजीत सिंह पुत्र अमर सिंह गांव सिल्ह डा. रिस्सा तहसील सरकाघाट ने 2 जून को पुलिस थाना सरकाघाट में मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने अपनी बेटी के पति और सास पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने उक्त शिकायत के आधार पर प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है। हालांकि अर्चना की हालत नाजुक होने के कारण उसका बयान दर्ज नहीं हो सका। अर्चना देवी अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गई है, सरकाघाट पुलिस टीम एम्स बिलासपुर रवाना हो गई है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा। डीएसपी संजीव गौतम ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।












