एनएच निर्माण कंपनी के खिलाफ आरएम धर्मपुर ने दर्ज करवाई एफआईआर
. खराब सड़क से यात्रियों को हो रहा है जान माल का खतरा
. 13 लॉन्ग रूट करने पड़ रहे हैं कैंसिल
. जेसीबी से गाड़ियां खींचकर हो रहा है निगम को नुकसान
सरकाघाट से धर्मपुर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा और इसे रोजाना एचआरटीसी को हो रहे नुकसान को लेकर एचटीसी डिपो धर्मपुर और सरकाघाट के आरएम ने सरकाघाट पुलिस स्टेशन में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। रीजनल मैनेजर द्वारा दर्ज करवाई एफआईआर के अनुसार सरकाघाट से धर्मपुर तक निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की हालत अति दयनीय है, जिस कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की जान को जोखिम बना हुआ है। साथ बसों को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी बरसात में दमसेहड़ा से लेकर पाडछु तक के भाग की हालत तो बेहद ही दयनीय है। जिसमें बरसात में रोजाना बसे फंस रही हैं और यात्रियों से भरी बसों को जेसीबी मशीनों की सहायता से टोचन करके खींचकर चढ़ाया जा रहा है। साथ ही दमसेहड़ा से लेकर पाड्छु पुल वाले भाग में बसें फिसलती हुई चढ़ती व उतरती हैं, जिससे यात्रियों से भरी बस का हर समय फिसल कर पाडछु ढांक में गिरने से बड़ी मानवहानि होने का खतरा बना हुआ है। शिकायत में उन्होंने कहा कि इस रोड़ की खराबी के कारण इस क्षेत्र के रोजाना 13 रूट प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा बाहरी क्षेत्रों द्वारा चलाई जाने वाली बसों का संचालन पिछले तीन महीनों धर्मपुर के लिए पूर्ण रूप से बंद है। गत सोमवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मपुर की जोगिंद्रनगर से बलद्वाड़ा बस सेवा को जेसीबी मशीन द्वारा खींचा जा रहा था, तो उक्त बस की विडं स्कीन को जेसीबी ऑपरेटर द्वारा तोड़ दिया गया। जिसका अतिरिक्त वित्तीय बोझ हिमाचल पथ पर निगम धर्मपुर डिपो को उठाना पड़ रहा है। इस क्षेत्र द्वारा चलाई जाने वाली लम्बी दुरी की अधिकतर बसें अपने निर्धारित समय से लेट हो जा रही हैं। जिस कारण बसें 400 से 500 किमी तक का सफर खाली तय कर रही हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का कार्य कर रही कंपनी के ऊपर मानव जीवन को खतरे में डालने को लेकर उचित कानूनी कार्यवाही की जाए। ताकि मानव जीवन की बड़ी हानि को होने से रोका जा सके।
दर्ज किया मामला छानबीन शुरू: एसएचओ
इसे लेकर एसएचओ रजनीश ठाकुर ने कहा कि शिकायत पत्र से मामला जुर्म अधीन धारा 125 भारतीय न्याय संहिता में घटित होना पाया गया है। निर्माण कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।












