चौहार घाटी में झुलसा रोग का प्रकोप, आलू की फसल बर्बादी की कगार पर
द्रंग विकास खंड की चौहार घाटी की खलैहल, बरोट, लपास और बरधान पंचायतों में आलू की नकदी फसल पर झुलसा रोग पूरी तरह फैल चुका है। जिससे किसानों की आर्थिकी पर संकट मंडरा गया है। चौहार घाटी के अधिकांश किसान आलू उत्पादन से जीविका चलाते हैं, और बेरोजगार युवा भी इसी से रोजगार प्राप्त करते हैं। किसानों प्रेम चंद, सुभाष, भागमल, सीता, निर्मला, दर्शना देवी, गुड्डी देवी व मनसा देवी ने बताया कि एक माह पहले तक खेतों में आलू की फसल लहलहा रही थी, लेकिन अब पौधे गल-सड़कर खेतों में मिट्टी ही नजर आ रही है। खलैहल पंचायत के कुछ गांवों में झुलसा रोग के बावजूद बीज की गुणवत्ता ठीक बनी हुई है, लेकिन बरोट, लपास और बरधान पंचायतों में आलू की उपज बहुत प्रभावित हुई है। वहां न केवल उत्पादन कम हुआ है, बल्कि बीज का आकार भी छोटा है। इससे किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी है क्योंकि फसल की पैदावार कम होने से आय में भारी गिरावट तय है। कृषि विभाग पद्धर की विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. सोनम शर्मा ने बताया कि झुलसा रोग शुरू में ही कॉपरऑक्सीक्लोराइड और मेकोनेव जैसे दवाओं के छिड़काव से रोका जा सकता था। समय पर उपाय न करने से यह रोग व्यापक रूप से फैल गया है।












