आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था: संजीव कटवाल
-सरकाघाट में भाजपा उपाध्यक्ष ने कांग्रेस पर साधा निशाना
सरकाघाट में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलते हुए आपातकाल थोपा था। इस दौरान प्रेस की आज़ादी, नागरिकों के मौलिक अधिकार और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तानाशाही सोच तब भी थी और आज भी वही मानसिकता बनी हुई है। संजीव कटवाल ने कहा कि कांग्रेस अब भी ‘राहुल-प्रियंका’ के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है और लोकतंत्र को परिवार की जागीर मानती है। उन्होंने आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों को बिना मुकदमे के जेल में डालने, प्रेस सेंसरशिप और संविधान में अलोकतांत्रिक संशोधनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेस शासित राज्यों में यही तानाशाही प्रवृत्ति देखने को मिलती है।












