सब्र का बांध टूटा, एनएच निर्माण कंपनी के ख़िलाफ़ दमसेड़ा में हाईवे पर किसान सभा ने दिया धरना
हिमाचल किसान सभा ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग निर्माण कंपनी के निर्माण कार्य से प्रभावितों की मांगों को लेकर दमसेड़ा में सड़क पर बैठकर धरना दिया जिससे हाईवे पर एक घण्टे तक यातायात बन्द रहा ।धरने का नेतृत्व पूर्व ज़िला पार्षद भपेंद्र सिंह किसान सभा के अध्यक्ष रणताज़ राणा, दिनेश काकु, प्रधान सरिता देवी और मेहर चन्द गारला, अमृत लाल, पूर्ण पराशर,नानक चन्द,सोहन सिंह इत्यादि ने किया और स्थानीय पँचायत प्रधान सलिता देवी उपप्रधान लश्करी राम तथा प्रभावित जगदीश, सोहन सिंह, सरवन कुमार,भाग सिंह, नेकराम,हरदेव सिंह, गुड्डी देवी, निर्मला देवी सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया।धरने का समर्थन करने चोलथरा पँचायत प्रधान मेहर चन्द गारला व्यापार मंडल के बिहारी लाल लौंगनी पँचायत के पूर्व प्रधान देशराज पालसरा इत्यादि ने भी विशेष तौर से भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी, प्रशासन और यहां के विधायकों के खिलाफ भी वक्तव्य दिए कियूंकि वे भी मौन धारण किये हुए हैं और ऐसा लगता है कि कंपनी ने उनको भी अपने अधीन कर दिया है। जिससे लोगों को पिछले दो साल से भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।भुपेन्द्र सिंह ने कहा कि गावर कंपनी द्वारा सरकाघाट से धर्मपुर की निर्मित की जा रही सड़क के निर्माण कार्य से जहां आम जनता परेशान है वहीं कुछ परिवारों को पिछले डेढ़ साल से मानसिक तनाव में रहना पड़ रहा है कियूंकि कंपनी ने उनके घरों के आसपास जो कटिंग की है उससे उनके गिरने का ख़तरा पैदा हो गया है और अब बरसात की आहट सुनाई देने पर उनकी रातों की नींद उड़ गई है।लेक़िन कंपनी के आगे सरकाघाट का प्रशासन बौना ही साबित हो रहा है।कम्पनी प्रशासन के दिशा निर्देशों को नहीं मानते हैं और अपनी मनमर्ज़ी से काम कर रहे है।उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से हिमाचल किसान सभा उन घरों के पास सुरक्षा दीवारें लगाने और तोड़े गए रास्तों और पेयजल स्रोतों का पुननिर्माण जल्दी करने और सड़क निर्माण कार्य को जल्दी पूरा करने की मांग कर रहे हैं और उसके लिएदो बार प्रदर्शन भी कर चुकी है।लेकिन अब भी सुनवाई न होने के कारण आज प्रभावितों के साथ सड़कों पर उतरना पड़ा है।
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जहां भी आ रही है दिक्कतें हैं वही देंगे धरना
दमसेड़ा के बाद अब 30 मई को चोलथरा में भी सड़क पर धरना दिया जाएगा और 2 मई को रखोह में धरना प्रदर्शन होगा।भुपेन्द्र सिंह ने बताया कि उसके बाद उन सभी जगहों पर सड़क पर प्रदर्शन होंगे जहाँ पर लोगों के घरों व अन्य प्रकार की दिक्कतें आ रही है।उन्होंने चेतावनी दी है कि अब लोग प्रशासन के पास मांगपत्र लेकर नहीं जाएगा बल्कि प्रशासन को लोगों के पास आकर मौके पर समाधान करना होगा। किसान सभा के रणताज़ राणा ने बताया कि दमसेड़ा में जगदीश, सोहन सिंह, सरवन कुमार और भाग सिंह के घरों के गिरने का ख़तरा पैदा हो गया है।इन घरों के रास्ते भी दोनों ओर से तोड़ दिए गए हैं और इनके अलावा दमसेड़ा गांव का रास्ता, समसाई और आल्याण गांव का रास्ता, शमशानघाट का रास्ता तथा हरदेव सिंह, बक्सी राम, अंनत राम, कांशी राम के घरों के रास्ते डेढ़ साल पहले तोड़ दिए हैं जिन्हें अभी तक नहीं बनाया गया है।इसके अलावा आल्याण और जमसाई में लगे हैण्डपम्प उखाड़ कर फेंक दिए हैं और अल्याण की बाबड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई है।जमसाई से गासियां पुल तक की सड़क दो साल से अधूरी है और तीन चार स्थानों पर गड्ढे पड़े हैं जिससे अब तक सैंकड़ो गाड़ियों का लाखों रुपए का नुक़सान हो चुका है।गासियां खड्ड में अवैध डंम्पिंग की गई है और वहां पर सड़क की स्थिति बहुत ज्यादा ख़राब है और कभी भी दुर्घटना घट सकती है लेकिन प्रशासन ऐसे स्थानों को भी कंपनी से ठीक नहीं करवा पा रहा है और न ही यहां के नुमाइन्दे कुछ कर रहे हैं।इसलिए प्रभावितों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिसकी पूरी जिम्मेवारी कंपनी, प्रशासन और सरकार की है जो यहां के स्थानीय लोगों की समस्या का हल नहीं करवा पा रही है।पँचायत प्रधान सलिता उप प्रधान लश्करी राम महिला मंडल प्रधान बिमला देवी प्रभावित जगदीश चंद्, दलीप सिंह, सोहन सिंह, सरवन कुमार, भाग सिंह, नेक राम, हरदेव सिंह, अनंत राम, कांशी राम, निर्मला देवी, गुड्डी देवी इत्यादि ने कहा कि यदि उनके घरों की सुरक्षाअगले दस दिनों में सुनिश्चित नहीं कि गयी तो वे एसडीएम कार्यालय सरकाघाट में भूखहड़ताल शुरू कर देंगे। प्रदर्शकारियों की मांग पर तहसीलदार सरकाघाट तीन घण्टे के बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे लेक़िन कंपनी के लोग वहां पर न आने से और ज़्यादा हंगामा हुआ तब जाकर कम्पनी के लोग आए और लिखित सहमति होने पर धरना ख़त्म हुआ।जिसमे निर्माण कार्य 15 दिन में पूरा करने की लिखित सहमति बनी।












