सन्धोल-कोठुवां सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
सन्धोल क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली सन्धोल-कोठुवां वाया चतरौन सड़क इन दिनों अपनी जर्जर हालत के कारण लोगों की परेशानी का सबब बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह उखड़ा हुआ तारकोल, गहरे गड्ढे और बंद पड़ी निकासी नालियां रोजाना यात्रा करने वाले ग्रामीणों के लिए जान जोखिम में डालने जैसी स्थिति पैदा कर रही हैं। 30 जून की भारी बारिश के बाद जब कोठुआं-सन्धोल वाया गढ़धार सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी, तो पूरे क्षेत्र का यातायात इसी मार्ग पर निर्भर रहा। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के चलते सड़क की हालत और बिगड़ती चली गई। जहां पहले चिकनी सतह थी, वहां अब खतरनाक गड्ढे बन गए हैं जो न केवल वाहन चालकों के लिए खतरा हैं, बल्कि राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन चुके हैं। गांव चतरौन, मसोत, बांह, कंदरोह और सेड समेत कई पंचायतों के लोगों की यह रोजमर्रा की सड़क है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वर्ष 2019 में यह सड़क पक्की तो कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद विभाग ने रख-रखाव की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। सबसे गंभीर समस्या निकासी नालियों की है। वर्षों से इनकी सफाई और मरम्मत नहीं हुई, जिससे बरसात का पानी सीधे सड़क पर बहकर उसकी सतह को तबाह करता रहा। नतीजतन आज सड़क की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और जगह-जगह कीचड़ व जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को शिकायत देकर सड़क की जल्द मरम्मत और ड्रेनेज की बहाली की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होगा बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों का अस्पताल पहुंचना और बच्चों का स्कूल आना-जाना भी बाधित हो जाएगा।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकार सड़कों पर करोड़ों खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जब रख-रखाव की बात आती है, तो विभाग आंखें मूंद लेता है।
बयान
लोक निर्माण विभाग सन्धोल अनुभाग के कनिष्ठ अभियंता कामराज ने बताया कि सड़क की स्थिति को देखते हुए विभाग ने एक लेबर टीम को नियमित रूप से मरम्मत कार्य में लगा दिया है।












