बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने उठाई आवाज, एससीवीटी प्रशिक्षुओं को भर्ती में शामिल करने की मांग
बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ की बैठक कंसा मैदान में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से आए लगभग 30 प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता संघ के मुख्य सलाहकार ने की और सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। बैठक में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई कि एससीवीटी प्रशिक्षुओंके तहत एक साल का पीईटी प्रशिक्षण प्राप्त 5349 बेरोजगार प्रशिक्षुओं को शारीरिक शिक्षक भर्ती में शामिल किया जाए। यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच कांग्रेस सरकार द्वारा निजी संस्थानों के माध्यम से का प्रशिक्षण एससीवीटी के अंतर्गत शुरू किया गया था, जिसे 5349 युवाओं ने सफलतापूर्वक पूरा किया। लेकिन वर्ष 2011 में बनाए गए आर एंड पी नियमों के चलते ये सभी प्रशिक्षु न केवल बैच वाइज भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए, बल्कि आयोग (कमीशन) द्वारा आयोजित चयन प्रक्रियाओं से भी वंचित कर दिए गए। प्रशिक्षकों का यह भी कहना है कि उन्होंने प्रशिक्षण नियमों में बदलाव से पहले कोर्स किया था, ऐसे में नए नियमों को उनके ऊपर लागू करना अन्यायपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, यह भी सामने आया कि कई प्रशिक्षु वर्तमान में विभिन्न सरकारी स्कूलों में स्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं, तो अन्य को इस अधिकार से क्यों वंचित किया जा रहा है। बैठक में शामिल प्रमुख नामों में परमा राम, सन्नी डोगरा, विपिन कुमार, सुनील कुमार, कृष्ण चंद, मित्र देव, ललित कुमार, अशोक कुमार, फ़ते राम, टोडर राम, सनी, भूपेंद्र कुमार, नर्मदा देवी, बिमला देवी, जमना देवी, रंजना देवी, लता देवी और निर्मला देवी प्रमुख रूप से शामिल थे। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु से अपील की है कि वे हस्तक्षेप कर इन प्रशिक्षुओं के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाएं और नियमों में संशोधन कर एससीवीटी प्रशिक्षुओं को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाए। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जल्द ही राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।












