विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत उपमंडल पधर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित, कृषि वैज्ञानिकों ने दी किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत उपमंडल मुख्यालय पधर मे दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना और उन्हें वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रेरित करना रहा। जानकारी देते हुए कृषि विषयवाद विशेषज्ञ सोनम ने बताया कि यह जागरूकता कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के सौजन्य से किया जा रहा है। जिसमें कृषि, बागवानी व पशुपालन तीनों विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जिसके तहत विशेषज्ञों की तीन टीमों का गठन कर उपमंडल के विभिन्न गाँवों में भेजा गया। प्रत्येक टिम द्वारा तीन गांव में जाकर किसानों को नई कृषि विधियों, पशुपालन तकनीकों, और जैविक खाद के उपयोग के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिलहन, बरधान, बरोट, धमचयान, बड़ी बजगान, पंजोड, ग्रामण, खारियांन, लपास गाँवों का दौराकर किसानों को जागरूक किया। दुसरे दिन डलाह, ग्वाली, समखेतर, कुफरी, बड़वाहन, पाली, चेली, बावली गांव में जाकर किसानों को आधुनिक खेती की तरीकों व अन्य कृषि संबंधी जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के वैज्ञानिक डॉ. शकुंतला राही, डॉ बृज, डॉ. बनीता, डॉ. एल.के. शर्मा, डॉ. डी.एस. यादव, डॉ. कल्पना आर्या, डॉ. नेहा और डॉ. कविता ने भाग लिया। इन वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती, पशुपालन, मिट्टी परीक्षण, कीट प्रबंधन, और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूक किया। इसके अतिरिक्त पशुपालन विभाग की ओर से वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा तथा एच डी ओ डॉ. कविता ने भी उपस्थित किसानों को पशुपालन व बागवानी विभाग से संबंधी जानकारी प्रदान की। वहीं इफको के प्रतिनिधि डॉ. रोहित ने किसानों को उर्वरकों के सही प्रयोग और जैविक खाद के महत्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बीटएम देवेंद्र और रोहित ने किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ सोनम ने बताया कि यह अभियान 29 मई से प्रारंभ होकर 12 जून तक चलाया जा रहा है। इस दौरान किसानों के लिए विशेष कार्यशालाएं, प्रदर्शनी, मॉडल प्रदर्शन और विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से किसानों को फसलों की वैज्ञानिक पद्धतियों, उन्नत किस्मों के बीज, कीट नियंत्रण के उपाय और जैविक खाद के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न गांवों में जाकर किसानों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। जिससे उनकी समस्याओं को समझकर समाधान प्रस्तुत किया जा सके। यह प्रयास न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि उन्हें टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि के लिए प्रेरित भी करेगा।












