चटाई पर बैठ पढ़ाई करने को मजबूर छात्र, तहसील लाइब्रेरी में सिर्फ 20 सीटों की व्यवस्था
सरकाघाट तहसील की लाइब्रेरी में छात्रों को पढ़ने के लिए अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है। महज 20 बच्चों के बैठने की क्षमता होने के चलते बाकी छात्र आज भी चटाई पर जमीन में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब सुबह के समय बड़ी संख्या में छात्र लाइब्रेरी का रुख करते हैं, लेकिन जगह न मिलने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। गौर करने वाली बात यह है कि मंडी के उपायुक्त द्वारा लाइब्रेरी में खाली पड़े स्पेस में सीटिंग अरेंजमेंट के लिए ₹10 लाख की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक कुर्सियां और टेबल नहीं लगाई गई हैं। छात्रों विशाल और अन्य ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
मंडल भाजपा के प्रवक्ता मनीष कंवर ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तहसील स्तरीय इस लाइब्रेरी में कम से कम 200 बच्चों के बैठने की सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जगह और बजट दोनों उपलब्ध हैं, तो फिर बच्चों को ज़मीन पर बैठकर क्यों पढ़ाई करनी पड़ रही है?
इस पूरे मामले पर एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा ने स्पष्ट किया कि एक माह के भीतर लाइब्रेरी के खाली पड़े स्पेस में बैठने की उचित व्यवस्था कर दी जाएगी। सरकाघाट कॉलेज के प्रिंसिपल को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है और जल्द ही कुर्सी-टेबल लगवा दी जाएंगी। छात्रों को और अधिक इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। लाइब्रेरी में बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की कमी को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि सरकाघाट के छात्र शांतिपूर्ण और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन कर सकें।












