छोटाभंगाल घाटी की सात पंचायतों को नहीं मिल पा रहा योजनाओं का भरपूर लाभ
केंद्र व प्रदेश सरकार ने जनहित की कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं, मगर छोटाभंगाल घाटी की सात पंचायतों के लोग इन योजनाओं का भरपूर लाभ ही नहीं उठा पा रहे हैं। सरकार का प्रचार तंत्र यहां ऐसी योजनाओं की सूचना उपलब्ध ही नहीं करवा पाता है और न ही सरकार द्वारा प्रशिक्षण या जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं। मत्स्य पालन विभाग ने प्रदेशभर में निजी क्षेत्र के तहत मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने के लिए अत्यंत लाभकारी एवं रोजगारन्मुख योजनाएं चला रखी है, मगर युवा इसका लाभ ही नहीं ले पा रहे हैं। छोटाभंगाल घाटी के युवाओं में विकास ठाकुर, नवीन कुमार, शेर सिंह, नरेश कुमार, बुद्धि सिंह, अजय कुमार, बलवीर सिंह, चंद्रेश कुमार आदि ने बताया कि चौहार घाटी की तर्ज पर वह भी मछली पालन का व्यवसाय अपनाना चाहते हैं, मगर मत्स्य पालन विभाग पालमपुर से कोई भी निर्देश न मिलने से वे वंचित है। घाटी की लोआई पंचायत के उपप्रधान तिलक ठाकुर ने बताया कि यह घाटी बहुमूल्य मछली पालन के लिए उपयुक्त जलवायु, ठंडा पानी व अन्य वांछित आधारभूत ढांचा होने के बावजूद लंबे समय से दुर्गम घाटी की मत्स्य विभाग की अनदेखी ही होती आ रही है। तिलक ठाकुर सहित इन सभी युवाओं ने सरकार से निजी मछली पालन की स्वीकृति प्रदान करने व यहां पर समय–समय पर शिविर लगाने की जोरदार मांग की है।












