आम नागरिकों के सशक्तिकरण को समर्पित है आरटीआई एक्ट : राज्य सूचना आयुक्त
हिमाचल प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त एस एस गुलेरिया ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई एक्ट) 2005 आम नागरिकों के सशक्तिकरण को समर्पित है। इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र की प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, जवाबदेही तय करना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। एस एस गुलेरिया धर्मपुर में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारियों के ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को उन सभी निर्णयों की जानकारी होनी चाहिए जिनसे उनका जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि आरटीआई को किस तरह से अच्छे एवं सरल तरीके से निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जनसूचना अधिकारी भाव और भावना से सद्भावनापूर्ण तरीके से कार्य करें।
इस दौरान उन्होंने कहा कि कानून का पारदर्शिता से शत-प्रतिशत पालन करना हमारी जिम्मेदारी और दायित्व बनता है। आरटीआई एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है तथा समय से किसी आपत्ति का समाधान किया जाए। उन्होंने आरटीआई की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में उपस्थित अधिकारियों को बताया। उन्होंने इस दौरान उपस्थित अधिकारियों की विभिन्न जिज्ञासाओं, शंकाओं का समाधान भी किया और आरटीआई अधिनियम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर बल देते हुए अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयों में कार्यालय मैनुअल के अनुरूप रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे आरटीआई में सूचना देने में कठिनाई नहीं हागी। इस अवसर पर एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा, डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद, तहसीलदार धर्मपुर रमेश कुमार, नायब तहसीलदार धर्मपुर संजीव कुमार, नायब तहसीलदार टीहरा शशिपाल मोदगिल, नायब तहसीलदार मंडप ओमशिखा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी व अन्य जनसूचना अधिकारी उपस्थित रहे।












