औषधीय पौधों के संरक्षण में रोटरी क्लब का सराहनीय कदम, हर्बल गार्डन में 1 अगस्त को होगा रोटरी प्रोजेक्ट का शुभारंभ
जोगिंद्रनगर में पिछले दस वर्षों से सक्रिय रोटरी क्लब अब औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। रोटरी क्लब ने हर्बल गार्डन हर्बेनियम एवं अनुसंधान केंद्र में इस कार्य को धरातल पर उतारने की तैयारी कर ली है। यह अनुसंधान केंद्र लगभग 120 बीघा भूमि पर फैला है, जहां दुर्लभ प्रजातियों की जड़ी-बूटियों पर कार्य किया जाएगा।
इस संदर्भ में आयुष विभाग मंडी संभाग के उपनिदेशक डॉ. राजन सिंह और रोटरी क्लब के प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में बैठक संपन्न हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रोटरी क्लब के लगभग 40 सदस्य इस नेक कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएंगे। रोटरी की बीओडी बैठक में भी इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।रोटरी 3070 के हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख के डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन अजय ठाकुर ने जानकारी दी कि 1 अगस्त को रोटरी के जिला गवर्नर रोहित ऑबरॉय औषधीय पौधों का रोपण कर इस प्रोजेक्ट का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
रोटरी क्लब जोगिंद्रनगर के अध्यक्ष डॉ. चंद्रभूषण शर्मा एवं सचिव अधिवक्ता रणजीत चौहान ने बताया कि इस अवसर पर रोटरी के नए सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सत्र 2025-26 के नए अध्यक्ष और सचिव को कार्यभार सौंपकर उन्हें उनके कर्तव्यों की शपथ भी दिलाई जाएगी।
इस दौरान भराडू में रोटरी के आरसीसी प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा गौसदन में चल रहे परमार्थ कार्यों की जानकारी भी साझा की जाएगी। बैठक में रोटेरियन विनोद राठौर, पास्ट प्रैजीडेंट अमर सिंह जसवाल, पूर्व सचिव सुशील पठानिया, मेजर ज्ञान चंद, बरवाल और रामलाल वालिया सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।डॉ. राजन सिंह ने बताया कि औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को लेकर रोटरी क्लब का यह सहयोग अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संस्थान प्रबंधन से अपील की कि अधिक से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि हर वर्ग के लोगों में औषधीय खेती के प्रति जागरूकता और रूचि बढ़ सके।












