1 किलो 152 ग्राम चरस रखने के अपराध में दोषी को कठोर कारावास और जुर्माना
विशेष न्यायाधीश मंडी की अदालत ने एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रिथी सिंह पुत्र जमेदार गांव सरोता डाकघर दियोट तहसील मूलथान जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश को चरस रखने का अपराध सिद्ध होने पर 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1,00,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास का भुगतान करना होगा।
जिला न्यायवादी मंडी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने बताया कि एक मार्च 2022 को पुलिस थाना पधर की एक पुलिस टीम नियमित गश्त और नाकाबंदी के लिए कधार के पास मौजूद थी। तभी दोपहर समय 2:15 पर एक गाड़ी एचपी29बी 7416 जोकि घटासनी से झटिंगरी की तरफ आई और पूछताज करने के लिए रोका गया, तो तब गाड़ी के कागज चेक करवाने के लिए कहा गया तब एक व्यक्ति झटिंगरी की ओर घटासनी की तरफ हाथ में एक बैग लिए आ रहा था। पुलिस को सामने देखकर पीछे की तरफ भाग गया, पुलिस टीम ने उसे कुछ ही दूरी में पकड़ लिया। उक्त व्यक्ति के इस तरह के व्यवहार के कारण पुलिस को उस पर संदेह हुआ कि उक्त व्यक्ति के बैग में कोई अवैध वस्तु हो सकती है। इसी संदेह के आधार पर उक्त व्यक्ति के बैग की तलाशी लेना आवश्यक था। तलाशी लेने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया गया। गवाहों के समक्ष उक्त व्यक्ति से उसका नाम व पता पूछा गया। पुलिस द्वारा पूछने पर उनसे अपना नाम नाम और पता प्रिथी सिंह पुत्र जमेदार गांव सरोता डाकघर दियोट तहसील मूलधान जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश बताया। उक्त व्यक्ति के बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें काला रंग का भारी बतीनुमा पदार्थ जो कि अनुभव के आधार पर चरस के रूप में पहचाना गया उसे जांचा गया तो अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ चरस पायी गई। बरामद की गई चरस को तोलने पर कुल भार 1.152 किलोग्राम पाया गया। मामले में अन्वेषण पूरा होने पर थाना अधिकारी ने मामले के चालान को माननीय न्यायालय में पेश किया।
जिला न्यायवादी मंडी ने यह भी बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष ने माननीय न्यायालय के समक्ष 12 गवाह पेश किए। जिनकी गवाही को सही मानते हुए और दोनों पक्षों के तर्क-वितर्क को सुनने के पश्चात माननीय न्यायालय ने इस मामले में उक्त दोषी को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1,00,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई और यदि दोषी जुर्माना देने में असफल रहता है, तो उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास का भुगतान करना होगा।












