जोगिंद्रनगर में अधिशासी अभियंता की तानाशाही के खिलाफ गरजा जनआक्रोश, 25 जून को रामलीला मैदान में जनसभा
हिमाचल किसान सभा और नौजवान सभा की एक संयुक्त बैठक रविवार को जोगिंद्रनगर में आयोजित की गई, जिसमें लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली की कड़ी निंदा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने 17 जून की घटना का हवाला देते हुए कहा कि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि जब जनता के प्रतिनिधिमंडल के साथ ज्ञापन सौंपने पहुंचे, तो उन्हें पहले पुलिस बल के माध्यम से भवन के बाहर, फिर कार्यालय के बाहर रोका गया और करीब दो घंटे तक इंतजार करवाया गया। इसके बाद अधिशासी अभियंता द्वारा शर्त रखी गई कि यदि उनसे मिलना है तो एसडीएम की लिखित अनुमति लानी होगी। कुशाल भारद्वाज ने इस व्यवहार को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए कहा कि यह रवैया न केवल जोगिंद्रनगर बल्कि समूचे प्रदेश के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद जनप्रतिनिधियों और आम जनता में भारी आक्रोश है। इसी क्रम में 25 जून को जोगिंद्रनगर के रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन में कई पंचायतों के निर्वाचित प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य, महिला मंडल, किसान संगठन और अन्य सामाजिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। कुशाल भारद्वाज ने सभी जागरूक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से इस लोकतंत्र विरोधी रवैये के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ संगठित जनआंदोलन खड़ा किया जाए।












