पराशर ऋषि के विशेष आमंत्रण पर देव बरनाग 21 भादो को करेंगे प्राकृतिक आपदा निवारण हेतु अनुष्ठान
मंडी जनपद की देव परंपरा में एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। स्नोर घाटी के प्रमुख देवता श्री देव बरनाग ऋषि, पराशर ऋषि के विशेष आमंत्रण पर आगामी 5 सितंबर, 21 भादो को मंडी रियासत के भंडार गांव बांदी स्थित पराशर ऋषि की मूल कोठी में पधारेंगे। यह यात्रा देव रीतियों और नीतियों के तहत संपन्न होगी, जिसका उद्देश्य हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं से क्षेत्र को मुक्ति दिलाना है। तीर्थराज ठाकुर पुजारी श्री देव पराशर ने जानकारी देते हुए बताया कि देव बरनाग रात्रि को जाग में भाग लेंगे और इसके अगले दिन प्रातःकाल विशेष देव अनुष्ठान में सम्मिलित होंगे। यह आयोजन पराशर ऋषि की मूल कोठी, भंडार गृह में संपन्न होगा, जिसमें देव रीतियों के अनुसार विशेष पूजा और अनुष्ठान संपन्न होंगे। देव बरनाग को पराशर महाराज का संकट मोचन माना जाता है। रियासत काल में जब-जब मंडी रियासत पर संकट आया, देव बरनाग ने पराशर ऋषि के निर्देशानुसार हर बार समाधान किया। इतिहास में अनेक उदाहरण मिलते हैं, जब रियासत की रक्षा देव परंपरा के इन अद्भुत सूत्रधारों ने सुनिश्चित की। यह भी उल्लेखनीय है कि पांच वर्ष पूर्व कोरोना काल के दौरान जब संपूर्ण देश संकट में था, तब भी देव बरनाग ने इच्छा प्रकट की थी कि यदि पराशर ऋषि की अनुमति मिले तो वे मंडी जाकर देव रीतियों के अनुसार आपदा निवारण करेंगे, परंतु प्रशासनिक कारणों से यह संभव नहीं हो सका। पराशर ऋषि को मंडी रियासत और मंडी राजघराने का कुलदेव माना जाता है। सदियों से यह विश्वास रहा है कि वे न केवल राजघराने, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र की रक्षा करते हैं और देव परंपरा के माध्यम से समाज को संकट से उबारते हैं। इस ऐतिहासिक देव समागम को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और देव प्रेमियों में गहरी आस्था और उत्साह का माहौल है।












