श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन प्रेम की महिमा का हुआ वर्णन, रुक्मिणी विवाह और रास पंचाध्यायी ने मोहा मन
जोगिंद्रनगर उपमंडल के अन्नपूर्णा मंदिर लदरुही में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। कथा वाचक आचार्य सुशील कृष्ण (शुक्ला जी) ने इस अवसर पर रास पंचाध्यायी, श्रीकृष्ण का मथुरा गमन, उधौ-गोपी संवाद और रुक्मिणी विवाह जैसे मार्मिक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने प्रेम को जीवन का सार बताते हुए कहा कि है प्रेम जगत में सार और कुछ सार नहीं। उनके मधुर और भावपूर्ण वचनों ने श्रोताओं के मन को गहराई से स्पर्श किया।
कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जो पूरे आयोजन के दौरान मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करती रही। रास पंचाध्यायी और उधौ-गोपी संवाद के प्रसंगों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया, वहीं रुक्मिणी विवाह उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
इस मौके पर संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कथा में पधारे संतों में प्रमुख रूप से श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राम शरण दास जी महाराज (व्याकरण आचार्य), श्री श्री 1008 महंत श्री पुरुषोत्तम दास जी महाराज, श्री नरसिंह दास जी महाराज, श्री शिवदास जी महाराज, श्री 108 महंत जयराम दास जी महाराज, श्री अवधेश दास जी महाराज, श्री शिवरामदास जी महाराज, श्री भोला दास जी महाराज, श्री सत्यनारायण दास जी महाराज, श्री नागा बाबा जी, श्री राम मोहनदास रामायणी जी महाराज और श्री अविचल दास जी महाराज उपस्थित रहे।
आयोजकों ने जानकारी दी कि कथा का समापन मंगलवार को भव्य पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा। साथ ही साकेत वासी श्री श्री 1008 गोविंद दास वैष्णव जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और ऑपरेशन सिंदूर में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत माता के वीर सपूतों को याद करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।












